India VP election : भारत में उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया अब धीरे-धीरे आकार लेती जा रही है। विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. (Indian National Developmental Inclusive Alliance) के नेता 18 अगस्त 2025 को एक बैठक करेंगे, जिसमें वे उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपने उम्मीदवार पर चर्चा करेंगे। राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इस बैठक की अगुवाई करेंगे। खड़गे, I.N.D.I.A. ब्लॉक के अन्य शीर्ष नेताओं के साथ मिलकर उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए रणनीति तैयार करेंगे।
उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए मतदान 9 सितंबर 2025 को होगा, और उसी दिन मतगणना भी की जाएगी। उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारों के नामांकन की अंतिम तिथि 21 अगस्त 2025 है। इसके बाद 25 अगस्त तक उम्मीदवार अपनी उम्मीदवारी वापस ले सकते हैं। यह चुनाव विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में देश के 14वें उपराष्ट्रपति, जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा दे दिया था। उनका कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था, लेकिन 21 जुलाई 2025 को उन्होंने अचानक इस्तीफा दे दिया।
उपराष्ट्रपति पद के लिए भाजपा की ओर से कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत को सबसे प्रबल उम्मीदवार माना जा रहा है। गहलोत भाजपा की विचारधारा के प्रति अपनी निष्ठा के लिए प्रसिद्ध हैं, और पार्टी उनके नाम पर गंभीर विचार कर रही है। इसके अलावा, सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर का नाम भी चर्चा में है। भाजपा इस बार अपने विचारधारा के प्रति समर्पित कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाने की योजना बना सकती है, जिससे पार्टी अपनी स्थिति को और मजबूत कर सके।
लोकसभा में कुल 542 सदस्यों में से NDA (National Democratic Alliance) के पास 293 सदस्य हैं, जबकि विपक्षी I.N.D.I.A. गठबंधन के पास 234 सदस्य हैं। राज्यसभा में 240 सदस्यों की प्रभावी संख्या में से NDA को करीब 130 और I.N.D.I.A. गठबंधन को 79 सांसदों का समर्थन प्राप्त है। इस प्रकार, NDA के पास कुल 423 सांसदों का समर्थन है, जबकि I.N.D.I.A. ब्लॉक के पास 313 सांसदों का समर्थन है।
इससे यह स्पष्ट होता है कि वर्तमान में उपराष्ट्रपति चुनाव में NDA का पलड़ा भारी है, लेकिन विपक्षी गठबंधन INDIA अपनी ओर से किसी मजबूत उम्मीदवार को मैदान में उतारने की योजना बना रहा है।
I.N.D.I.A. गठबंधन की बैठक 18 अगस्त को इस मायने में महत्वपूर्ण है, क्योंकि विपक्षी दलों को इस चुनाव में एकजुट होने की जरूरत है। एकजुटता से ही वे NDA के उम्मीदवार का मुकाबला कर सकते हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य विपक्षी नेताओं के लिए यह चुनाव एक महत्वपूर्ण अवसर है, क्योंकि यदि वे अपने उम्मीदवार को सही तरीके से प्रस्तुत करने में सफल होते हैं, तो यह सत्ता में एक नई दिशा की शुरुआत हो सकती है।
भारत के उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 में राजनीतिक दलों के लिए बड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं। BJP और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने दावेदारों को मैदान में उतारने के लिए रणनीतियाँ बना रहे हैं। जहां एक ओर NDA के पास बहुमत है, वहीं I.N.D.I.A. गठबंधन भी अपनी ताकत और एकजुटता का प्रदर्शन करने के लिए तैयार है। आने वाले दिनों में इस चुनाव के परिणाम भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ ला सकते हैं।
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