World Bank Report : दुनिया के सबसे बड़े कर्जदार बना भारत, वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट पर विपक्ष का हमला

World Bank Report :  वर्ल्ड बैंक की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत पर इस समय 24.4 बिलियन डॉलर (लगभग 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक) का विदेशी कर्ज है। इस खुलासे के बाद देश की राजनीति में नई हलचल मच गई है। विपक्षी दलों ने केंद्र की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए आर्थिक नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। “दुनिया के सबसे बड़े कर्जदार” -अखिलेश यादव का तंज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए एक तीखा बयान दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा:“ये हैं दुनिया के सबसे बड़े कर्ज़दार, मुल्क के लिए यह खिताब शर्मनाक है। हुक्मरान इतना भी उधार अच्छा नहीं… यदि किसानों, मजदूरों और छोटे कारोबारियों का ख्याल रखा गया होता तो आज लेने वाला नहीं, देने वाला हाथ होता।”अखिलेश ने केंद्र पर बड़े उद्योगपतियों के पक्ष में काम करने और चंदा-राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि जनहित में फैसले लिए जाते, तो भारत आज कर्जदार नहीं, बल्कि मददगार देश होता। कांग्रेस ने भी साधा निशाना केवल सपा ही नहीं, कांग्रेस ने भी भाजपा को घेरते हुए कहा कि “विश्वगुरु बनने का दावा करने वाली सरकार ने भारत को वर्ल्ड बैंक का सबसे बड़ा कर्जदार बना दिया है।”यूपी कांग्रेस ने अपने बयान में कहा:“यह कर्ज आम जनता के टैक्स और मेहनत की कमाई से उतारा जाएगा। साफ है कि भाजपा की विदाई ही देश की भलाई है।” भाजपा की चुप्पी पर उठे सवाल विपक्ष के इन हमलों के बीच, भाजपा की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, भाजपा सूत्रों का कहना है कि सरकार इस रिपोर्ट की बारीकियों का अध्ययन कर रही है और जल्द स्थिति स्पष्ट की जाएगी। बावजूद इसके, सियासी गलियारों में भाजपा की चुप्पी को लेकर चर्चा गर्म है। भारत पर विदेशी कर्ज: क्या है असल तस्वीर? विशेषज्ञों के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था आकार में बड़ी होने के कारण उसका विदेशी कर्ज भी तुलनात्मक रूप से अधिक है। हालांकि, 24.4 बिलियन डॉलर का कर्ज भारत की कुल जीडीपी का एक छोटा हिस्सा है। लेकिन विपक्ष का कहना है कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और राजकोषीय घाटे के बीच इस कर्ज का बोझ आम जनता पर पड़ेगा। वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट ने एक बार फिर से देश की अर्थव्यवस्था और वित्तीय प्रबंधन को लेकर बहस छेड़ दी है। विपक्ष जहां इसे सरकार की विफलता और पूंजीवादी नीतियों का नतीजा बता रहा है, वहीं भाजपा की ओर से जवाब का इंतज़ार है। आगामी चुनावों से पहले यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और भी गर्म हो सकता है। Read More: Mermaid Baby: छत्तीसगढ़ में ‘ चौंकाने वाला मामला आया सामने , जलपरी’ जैसे बच्चे का जन्म, डॉक्टर भी रह गए हैरान

World Bank Report :  वर्ल्ड बैंक की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत पर इस समय 24.4 बिलियन डॉलर (लगभग 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक) का विदेशी कर्ज है। इस खुलासे के बाद देश की राजनीति में नई हलचल मच गई है। विपक्षी दलों ने केंद्र की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए आर्थिक नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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“दुनिया के सबसे बड़े कर्जदार” -अखिलेश यादव का तंज

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए एक तीखा बयान दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा:“ये हैं दुनिया के सबसे बड़े कर्ज़दार, मुल्क के लिए यह खिताब शर्मनाक है। हुक्मरान इतना भी उधार अच्छा नहीं… यदि किसानों, मजदूरों और छोटे कारोबारियों का ख्याल रखा गया होता तो आज लेने वाला नहीं, देने वाला हाथ होता।”अखिलेश ने केंद्र पर बड़े उद्योगपतियों के पक्ष में काम करने और चंदा-राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि जनहित में फैसले लिए जाते, तो भारत आज कर्जदार नहीं, बल्कि मददगार देश होता।

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कांग्रेस ने भी साधा निशाना

केवल सपा ही नहीं, कांग्रेस ने भी भाजपा को घेरते हुए कहा कि “विश्वगुरु बनने का दावा करने वाली सरकार ने भारत को वर्ल्ड बैंक का सबसे बड़ा कर्जदार बना दिया है।”यूपी कांग्रेस ने अपने बयान में कहा:“यह कर्ज आम जनता के टैक्स और मेहनत की कमाई से उतारा जाएगा। साफ है कि भाजपा की विदाई ही देश की भलाई है।”

भाजपा की चुप्पी पर उठे सवाल

विपक्ष के इन हमलों के बीच, भाजपा की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, भाजपा सूत्रों का कहना है कि सरकार इस रिपोर्ट की बारीकियों का अध्ययन कर रही है और जल्द स्थिति स्पष्ट की जाएगी। बावजूद इसके, सियासी गलियारों में भाजपा की चुप्पी को लेकर चर्चा गर्म है।

भारत पर विदेशी कर्ज: क्या है असल तस्वीर?

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था आकार में बड़ी होने के कारण उसका विदेशी कर्ज भी तुलनात्मक रूप से अधिक है। हालांकि, 24.4 बिलियन डॉलर का कर्ज भारत की कुल जीडीपी का एक छोटा हिस्सा है। लेकिन विपक्ष का कहना है कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और राजकोषीय घाटे के बीच इस कर्ज का बोझ आम जनता पर पड़ेगा।

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वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट ने एक बार फिर से देश की अर्थव्यवस्था और वित्तीय प्रबंधन को लेकर बहस छेड़ दी है। विपक्ष जहां इसे सरकार की विफलता और पूंजीवादी नीतियों का नतीजा बता रहा है, वहीं भाजपा की ओर से जवाब का इंतज़ार है। आगामी चुनावों से पहले यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और भी गर्म हो सकता है।

Read More: Mermaid Baby: छत्तीसगढ़ में ‘ चौंकाने वाला मामला आया सामने , जलपरी’ जैसे बच्चे का जन्म, डॉक्टर भी रह गए हैरान

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