India Forex Reserves : भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार चौथे सप्ताह बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, 2 अक्टूबर 2026 को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 12.752 अरब डॉलर घट गया। इससे पहले के तीन सप्ताह में भी इसमें भारी कमी दर्ज की गई थी। लगातार हो रही इस गिरावट ने विदेशी मुद्रा भंडार के ताजा स्तर को चर्चा में ला दिया है। हालांकि, आंकड़ों को समझने के लिए भंडार के सभी घटकों और बाजार में हुए बदलावों पर नजर रखना जरूरी है।
चार सप्ताह में 51.1 अरब डॉलर की कमी
आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, चार सप्ताह के दौरान भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में कुल 51.100 अरब डॉलर की कमी हुई है। 2 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में 12.752 अरब डॉलर की गिरावट आई। इससे पहले वाले सप्ताह में भंडार 18.343 अरब डॉलर घटा था। उससे पिछले सप्ताह में 14.881 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई थी। वहीं, 11 सितंबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 4.924 अरब डॉलर कम हुआ था। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि हाल के सप्ताहों में भंडार पर लगातार दबाव देखने को मिला है।
रिकॉर्ड स्तर से नीचे आया विदेशी मुद्रा भंडार
लगातार गिरावट के बाद भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार घटकर 734.606 अरब डॉलर रह गया है। इससे पहले 4 सितंबर 2026 को देश का विदेशी मुद्रा भंडार 785.706 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। इस रिकॉर्ड स्तर के बाद से आई गिरावट ने कुल भंडार में उल्लेखनीय कमी दर्ज कराई है। विदेशी मुद्रा भंडार देश की बाहरी वित्तीय जरूरतों, अंतरराष्ट्रीय भुगतान और आर्थिक स्थिरता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके स्तर में बदलाव पर बाजार विशेषज्ञों और आर्थिक विश्लेषकों की नजर रहती है।
विदेशी मुद्रा आस्तियों में 10.664 अरब डॉलर की कमी
कुल विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट की एक प्रमुख वजह विदेशी मुद्रा आस्तियों (FCA) में कमी भी रही। आरबीआई के अनुसार, 2 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा आस्तियां 10.664 अरब डॉलर घट गईं। इससे पिछले सप्ताह में इनमें 15.570 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी। ताजा आंकड़ों के बाद देश की विदेशी मुद्रा आस्तियां घटकर 604.747 अरब डॉलर रह गई हैं। FCA भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके आंकड़े भंडार की समग्र स्थिति को समझने में मदद करते हैं।
FCA में कौन-कौन सी मुद्राएं शामिल होती हैं?
विदेशी मुद्रा आस्तियों का मूल्य अमेरिकी डॉलर में बताया जाता है, लेकिन इनमें केवल अमेरिकी डॉलर ही शामिल नहीं होते। यूरो, ब्रिटिश पाउंड और जापानी येन जैसी अन्य प्रमुख विदेशी मुद्राओं में रखी परिसंपत्तियों के मूल्य में होने वाले बदलाव भी इनके आंकड़ों को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए FCA में कमी को समझते समय विनिमय दरों और अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना आवश्यक है।
आगे के आंकड़ों पर रहेगी नजर
पश्चिम एशिया में संकट और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट पर ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, केवल साप्ताहिक कमी के आधार पर किसी एक कारण को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा। आने वाले सप्ताहों के आरबीआई आंकड़े यह स्पष्ट करने में मदद करेंगे कि भंडार में गिरावट का रुझान जारी रहता है या इसमें सुधार आता है।
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