India 6G Technology : भारत में 5G टेक्नोलॉजी की सफलता के बाद अब देश ने 6G सेवा विकसित करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देश में 6G तकनीक के विकास को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने बताया कि अगस्त 2024 में ‘मेड इन इंडिया’ 6G टेक्नोलॉजी विकसित करने की घोषणा की गई थी और इसके तहत साल 2025 के अंत तक पहली स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप लॉन्च की जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी का विजन है कि 2030 तक भारत दुनिया का टेक्नोलॉजी लीडर बने और 2040 तक अंतरिक्ष के क्षेत्र में अपनी प्रमुखता स्थापित करे।
भारत सरकार ने मार्च 2023 में ‘भारत 6G विजन’ को प्रस्तावित किया था। इस विजन का उद्देश्य देशवासियों को सस्ती, टिकाऊ और उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटल कनेक्टिविटी प्रदान करना है। 6G टेक्नोलॉजी उपयोगकर्ताओं को लगभग 1 टेराबाइट प्रति सेकंड की इंटरनेट स्पीड देगी। यह टेक्नोलॉजी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नेटवर्क के साथ सैटेलाइट कनेक्टिविटी भी सुनिश्चित करेगी। 6G में टेराहर्ट्ज़ (THz) स्पेक्ट्रम का उपयोग होगा, जिससे हाई बैंडविड्थ और असाधारण स्पीड मिलेगी।
6G टेक्नोलॉजी का एक बड़ा उद्देश्य भारत के दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों तक भी इंटरनेट पहुंचाना है। इससे डिजिटल डिवाइड कम होगा और हर कोना डिजिटल रूप से जुड़ा रहेगा। साथ ही, यह साइबर सुरक्षा के मानकों को भी बेहतर बनाएगा। 6G के जरिए मेटावर्स, AR/VR, और होलोग्राफिक कम्युनिकेशन जैसे एडवांस्ड एप्लिकेशन का भी विकास संभव होगा।
6G टेक्नोलॉजी पर काम करने के लिए नवंबर 2021 में 6G इनोवेशन ग्रुप बनाया गया था। इसमें इंडस्ट्री, एकेडमिक संस्थान, रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन और सरकार के प्रतिनिधि शामिल हैं। इस ग्रुप ने 6G के रोडमैप और वर्क ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसमें स्पेक्ट्रम, डिवाइस और इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स पर फोकस है। 3 जुलाई 2023 को भारत 6G अलायंस भी गठित हुआ, जो 6G से जुड़े उद्योग, शिक्षण संस्थान और रिसर्च ऑर्गनाइजेशन के बीच सहयोग बढ़ाएगा।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) के IMT-2030 फ्रेमवर्क को भी साइन किया है। 2023 में हुए G20 समिट में भारत और अमेरिका के बीच 6G टेक्नोलॉजी पर समझौता हुआ। इसके अलावा, वर्ल्ड 6G ऑर्गेनाइजेशन के साथ भी भारत का सहयोग जारी है। देश की सभी प्रमुख IITs ने मिलकर 6G टेस्टबेड बनाए हैं, जिनमें अब तक 2240 मिलियन रुपये का निवेश हो चुका है।
अक्टूबर 2022 में टेलीकॉम टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट फंड (TTDF) की स्थापना हुई, जिसके तहत 275.88 करोड़ रुपये में 104 प्रोजेक्ट लॉन्च किए जाएंगे। देश में 100 से अधिक 5G लैब बनाई गई हैं जो 6G के लिए आवश्यक मैनपॉवर तैयार करेंगी और रिसर्च को गति देंगी।
भारत ने 6G टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेज़ी से प्रगति करते हुए ‘मेड इन इंडिया’ का गर्व दिलाने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री मोदी के विजन के तहत 6G तकनीक न केवल डिजिटल इंडिया को मजबूत करेगी, बल्कि देश को वैश्विक टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करेगी। यह कदम भारत को 2030 तक दुनिया का टेक्नोलॉजी लीडर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
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