Boeing Airbus India : भारत में तेजी से बढ़ते हवाई यातायात और यात्रियों की संख्या के बीच देश के विमानन क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने मंगलवार को उम्मीद जताई कि ज्वाइंट वेंचर उद्यम के माध्यम से अगले दो वर्षों के भीतर भारत में पहला स्वदेशी नागरिक विमान तैयार हो सकता है। यदि यह योजना तय समय के अनुसार आगे बढ़ती है, तो भारत में निर्मित यात्री विमान जल्द ही उड़ान भरते नजर आ सकते हैं।
एयरबस और बोइंग पर निर्भरता घटाने की तैयारी
फिलहाल भारत में वाणिज्यिक यात्री विमानों का बड़े पैमाने पर निर्माण नहीं होता है। इसके चलते भारतीय विमानन कंपनियां मुख्य रूप से अमेरिकी कंपनी बोइंग और फ्रांस की एयरबस से विमानों की खरीद करती हैं। देश की एयरलाइंस ने पहले ही 1,600 से अधिक विमानों के ऑर्डर दिए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 100 अरब डॉलर बताई जा रही है। ऐसे में घरेलू स्तर पर विमान निर्माण शुरू होने से भारत की विदेशी विमान निर्माताओं पर निर्भरता कम करने की दिशा में मदद मिल सकती है।
अगले दशक में बनेंगे 100 से ज्यादा नए एयरपोर्ट
नागर विमानन मंत्री ने देश में हवाई अड्डों के विस्तार को लेकर भी बड़ी उम्मीद जताई है। उनके अनुसार, अगले 10 वर्षों में भारत में 100 से अधिक नए हवाई अड्डे बनाए जाने की संभावना है। वर्तमान में देश में करीब 165 हवाई अड्डे हैं। वहीं, घरेलू विमानन कंपनियों के पास लगभग 850 विमानों का बेड़ा मौजूद है। बढ़ती यात्री संख्या और नए एयर रूट्स को देखते हुए एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
विमानन क्षेत्र के पूरे इकोसिस्टम पर जोर
के. राममोहन नायडू ने कहा कि भारत में विमानन क्षेत्र से जुड़ा पूरा इकोसिस्टम विकसित हो रहा है। उन्होंने उच्चस्तरीय विमान निर्माण के लिए बेहतर नीतियों के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण सामग्री और प्रशिक्षित मानव संसाधन की जरूरत पर जोर दिया। उनके मुताबिक, भारत को केवल विमानों की असेंबली तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि विनिर्माण से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता विकसित करनी होगी।
भारत में विमान इंजन बनाने पर भी विचार
सरकार भारत में विमान इंजन के निर्माण की संभावना पर भी विचार कर सकती है। हालांकि, मंत्री ने संकेत दिया कि इंजन निर्माण एक जटिल और लंबी प्रक्रिया होगी। विमान के इंजन तकनीकी रूप से बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और इनके निर्माण के लिए उच्च स्तर की तकनीक, अनुसंधान, निवेश तथा विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। इसलिए इस दिशा में भारत को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ना होगा।
बोइंग-एयरबस से जुड़ी सप्लाई चेन भी मजबूत
मंत्री ने बताया कि फिलहाल बोइंग और एयरबस भारत से करीब चार अरब डॉलर मूल्य के कलपुर्जे और सेवाएं लेते हैं। सरकार को उम्मीद है कि दशक के अंत तक यह कारोबार बढ़कर करीब 10 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इससे संकेत मिलता है कि भारत विमान निर्माण के साथ-साथ वैश्विक विमानन सप्लाई चेन में भी अपनी भूमिका बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
भारत तेजी से बढ़ता विमानन बाजार
भारत दुनिया के तेजी से बढ़ते घरेलू नागरिक विमानन बाजारों में शामिल है। यात्रियों की बढ़ती संख्या, नए एयर रूट्स और विमान बेड़े के विस्तार के कारण आने वाले वर्षों में विमानों की मांग और बढ़ने की संभावना है। इसी मांग को देखते हुए सरकार एयरपोर्ट, विमान निर्माण, कलपुर्जा उत्पादन और कुशल कर्मचारियों की उपलब्धता जैसे क्षेत्रों पर एक साथ ध्यान देने की कोशिश कर रही है।
महंगे ATF से एयरलाइंस पर बढ़ा दबाव
इस बीच पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण विमान ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में बढ़ोतरी ने एयरलाइंस की चिंता बढ़ाई है। मंत्री ने कहा कि मंत्रालय इस मुद्दे पर विमानन कंपनियों और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के साथ बातचीत कर रहा है। ATF किसी एयरलाइन की परिचालन लागत का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा होता है, इसलिए कीमत बढ़ने का सीधा असर एयरलाइंस के खर्च पर पड़ता है।
इंडिगो ने बढ़ाया ईंधन अधिभार
ATF की बढ़ती कीमतों के बीच देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने सोमवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए ईंधन अधिभार बढ़ाने की घोषणा की। ऐसे में विमान ईंधन की कीमतें यात्रियों के किराये और एयरलाइंस की लागत दोनों को प्रभावित कर सकती हैं। एक तरफ भारत स्वदेशी विमान निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर मौजूदा विमानन कंपनियों के सामने बढ़ती परिचालन लागत एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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