Budget 2027 : केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2027-28 के केंद्रीय बजट की तैयारियों को गति देना शुरू कर दिया है। वित्त मंत्रालय का बजट विभाग 12 अक्टूबर 2026 से बजट-पूर्व बैठकों का सिलसिला शुरू करेगा। करीब एक महीने तक चलने वाली इन बैठकों में विभिन्न मंत्रालयों और सरकारी विभागों के खर्च, वित्तीय जरूरतों और आगामी वर्ष के लिए बजट आवंटन पर चर्चा की जाएगी।
व्यय सचिव की अध्यक्षता में होंगी बैठकें
वित्त मंत्रालय के बजट विभाग ने 23 सितंबर को इस संबंध में आधिकारिक सूचना जारी की है। इसके मुताबिक, संबंधित मंत्रालयों और विभागों के साथ होने वाली बजट-पूर्व बैठकों की अध्यक्षता व्यय सचिव करेंगे। इन बैठकों का उद्देश्य मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 के संशोधित अनुमान तैयार करने के साथ वित्त वर्ष 2027-28 के बजट अनुमानों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाना है।
मंत्रालयों को पहले से भेजा गया पूरा कार्यक्रम
केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और विभिन्न विभागों को बैठक से संबंधित जानकारी भेज दी गई है। इसमें व्यय विभाग के साथ होने वाली बैठकों का कार्यक्रम और निर्धारित टाइमटेबल शामिल है। वित्त मंत्रालय ने विभागों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बैठक कार्यक्रम तैयार किया है। पहले से कार्यक्रम जारी करने का मकसद मंत्रालयों को अपने प्रस्ताव, आंकड़े और जरूरी दस्तावेज तैयार करने के लिए पर्याप्त समय देना है।
6 अक्टूबर तक जमा करने होंगे जरूरी दस्तावेज
पीटीआई-भाषा के मुताबिक, वित्त मंत्रालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में मंत्रालयों और विभागों को बैठकों से संबंधित जरूरी आंकड़े, दस्तावेज और अन्य जानकारी 6 अक्टूबर 2026 तक जमा करने को कहा गया है। इससे बजट-पूर्व बैठकों के दौरान मंत्रालयों की वित्तीय मांगों और योजनाओं की समीक्षा में मदद मिलेगी।
12 अक्टूबर से 13 नवंबर तक चलेगा दौर
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बजट-पूर्व बैठकों की शुरुआत 12 अक्टूबर से होगी और यह प्रक्रिया 13 नवंबर 2026 तक चलेगी। इस दौरान अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों के प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। बैठकें पूरी होने के बाद वित्त वर्ष 2027-28 के बजट अनुमानों को प्रारंभिक यानी प्रॉविशनल रूप से अंतिम रूप दिए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
1 फरवरी को पेश हो सकता है केंद्रीय बजट
परंपरागत बजट कार्यक्रम के अनुसार वित्त वर्ष 2027-28 का केंद्रीय बजट 1 फरवरी 2027 को संसद में पेश किए जाने की संभावना है। यदि यही कार्यक्रम रहता है, तो यह मौजूदा मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का चौथा केंद्रीय बजट होगा। बजट से पहले मंत्रालयों की वित्तीय जरूरतों और खर्चों का आकलन सरकार की तैयारियों का अहम हिस्सा माना जाता है।
निर्मला सीतारमण के नाम जुड़ सकता है रिकॉर्ड
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लिए भी आगामी बजट महत्वपूर्ण होगा। 1 फरवरी 2027 को बजट पेश होने की स्थिति में यह उनका लगातार दसवां बजट भाषण होगा। उनके कार्यकाल में लगातार बजट पेश किए जाने का यह क्रम एक महत्वपूर्ण संसदीय रिकॉर्ड के रूप में देखा जाएगा।
आर्थिक विकास और रोजगार पर रह सकता है फोकस
आर्थिक विशेषज्ञों की चर्चाओं के मुताबिक, आगामी बजट में आर्थिक विकास को गति देने से जुड़े उपायों पर जोर रहने की संभावना है। इसके साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने, निवेश को प्रोत्साहित करने और घरेलू मांग को मजबूत करने जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। हालांकि, बजट की वास्तविक प्राथमिकताएं सरकार की अंतिम घोषणाओं के बाद ही स्पष्ट होंगी।
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच घरेलू अर्थव्यवस्था पर नजर
वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में अनिश्चितता के बीच सरकार के सामने विकास की रफ्तार बनाए रखने की चुनौती भी रहेगी। ऐसे में बजट के जरिए घरेलू मांग, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को समर्थन देने वाले उपायों पर ध्यान दिया जा सकता है। फिलहाल अक्टूबर में शुरू होने वाली बजट-पूर्व बैठकों में मंत्रालयों की मांगों और वित्तीय जरूरतों पर होने वाली चर्चा से आगामी बजट की प्राथमिकताओं की शुरुआती तस्वीर सामने आएगी।
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