LPG Stock India 2026
LPG Stock India 2026 : भारत सरकार के पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने देश में ईंधन की कमी को लेकर चल रही सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है। मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि भारत में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी (LPG) की आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में और सुरक्षित है। देश के सभी रिटेल फ्यूल आउटलेट्स (पेट्रोल पंपों) के पास पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है। सरकार ने नागरिकों से विशेष अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलाए जा रहे ‘शरारती और सुनियोजित भ्रामक अभियानों’ (Coordinated Campaigns) से गुमराह न हों। मंत्रालय ने जोर देकर कहा है कि देश के किसी भी कोने में पेट्रोल, डीजल या गैस की कोई किल्लत नहीं है।
पीआईबी (PIB) द्वारा जारी प्रेस रिलीज में भारत की वैश्विक तेल शक्ति का उल्लेख किया गया है। भारत वर्तमान में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर और पेट्रोलियम उत्पादों का 5वां सबसे बड़ा निर्यातक देश है। भारत 150 से अधिक देशों को रिफाइन किया हुआ ईंधन निर्यात करता है। चूंकि भारत एक ‘शुद्ध निर्यातक’ (Net Exporter) राष्ट्र है, इसलिए घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता संरचनात्मक रूप से पूरी तरह सुनिश्चित रहती है। वर्तमान में देश भर में संचालित एक लाख से अधिक खुदरा ईंधन आउटलेट बिना किसी रुकावट के चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।
मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच, सरकार ने देश के रणनीतिक तेल भंडार की स्थिति साझा की है। सरकार के अनुसार, भारतीय तेल कंपनियों ने अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति का अनुबंध पहले ही सुरक्षित कर लिया है। भारत की कुल आरक्षित क्षमता 74 दिनों की है, जबकि वर्तमान में वास्तविक स्टॉक कवर लगभग 60 दिनों का है। इसमें कच्चा तेल, रिफाइंड उत्पाद और भूमिगत गुफाओं में रखा गया रणनीतिक भंडार (Strategic Petroleum Reserves) शामिल है। उल्लेखनीय है कि मिडिल ईस्ट संकट के 27वें दिन भी भारत की स्थिति मजबूत है और अगले 2 महीनों की खरीद को पहले ही सुरक्षित कर लिया गया है।
एलपीजी की उपलब्धता पर सरकार ने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। मंत्रालय द्वारा जारी ‘एलपीजी नियंत्रण आदेश’ के बाद घरेलू रिफाइनरी उत्पादन में 40% का उछाल आया है। देश की कुल दैनिक एलपीजी आवश्यकता लगभग 80 टीएमटी (TMT) है, जिसके मुकाबले अब घरेलू उत्पादन 50 टीएमटी तक पहुंच गया है, जो कुल जरूरत का 60% से अधिक है। तेल कंपनियां हर दिन 50 लाख से ज्यादा सिलेंडरों की सफल डिलीवरी कर रही हैं। मंत्रालय ने यह भी बताया कि पिछले दिनों घबराहट (Panic Booking) के कारण मांग 89 लाख सिलेंडर तक पहुंच गई थी, जो अब वापस सामान्य स्तर यानी 50 लाख पर आ गई है।
सरकार ने उपभोक्ताओं को भरोसा दिलाया है कि पैनिक बुकिंग की कोई आवश्यकता नहीं है। वितरण प्रणाली पूरी तरह सुचारू है और डिलीवरी बॉयज हर घर तक समय पर सिलेंडर पहुंचा रहे हैं। रणनीतिक भंडार और रिफाइनरियों की क्षमता को देखते हुए भारत किसी भी वैश्विक संकट का सामना करने के लिए तैयार है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह वैश्विक बाजार की कीमतों और आपूर्ति श्रृंखला पर पैनी नजर रख रही है ताकि घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
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