India Pakistan Meeting : भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय रिश्तों में तनाव के बीच भारतीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार, 28 सितंबर 2026 को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में हिस्सा लेने के लिए इस्लामाबाद पहुंचा। SCO की राष्ट्रीय समन्वयकों की बैठक 28 से 30 सितंबर तक आयोजित हो रही है। इसमें संगठन के सदस्य देशों के राष्ट्रीय समन्वयक और SCO सचिवालय के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।
भारत की ओर से आलोक डिमरी करेंगे प्रतिनिधित्व
बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व SCO के राष्ट्रीय समन्वयक आलोक डिमरी कर रहे हैं। बैठक का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान की अध्यक्षता के दौरान SCO की गतिविधियों और कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा करना है। इसके अलावा आने वाली उच्चस्तरीय बैठकों की तैयारियों और संगठन के एजेंडे से जुड़े अन्य विषयों पर भी सदस्य देशों के प्रतिनिधि विचार-विमर्श करेंगे।
पाकिस्तान की अध्यक्षता में कार्यक्रमों पर चर्चा
पाकिस्तान ने 2026-27 के लिए SCO की अध्यक्षता संभाली है। इस दौरान संगठन के कार्यक्रमों का कैलेंडर तैयार करने और आगामी बैठकों की तारीखों तथा तैयारियों को समन्वित करने पर चर्चा हो रही है। पाकिस्तान ने अपनी अध्यक्षता के लिए कनेक्टिविटी, नवाचार, आर्थिक सहयोग और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे विषयों को प्राथमिकता देने की बात कही है।
2027 में इस्लामाबाद में होगा SCO शिखर सम्मेलन
SCO की अगली काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ स्टेट बैठक अगस्त 2027 में इस्लामाबाद में आयोजित होनी है। मौजूदा राष्ट्रीय समन्वयकों की बैठक को इस आगामी शिखर सम्मेलन की तैयारियों की शुरुआती प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक से अगले साल होने वाले उच्चस्तरीय कार्यक्रमों की तैयारी और समन्वय को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी को निमंत्रण देने की बात
पाकिस्तान ने 2027 में होने वाले SCO शिखर सम्मेलन के लिए सभी सदस्य देशों के नेताओं को आमंत्रित करने की बात कही है। इसमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हैं। पाकिस्तान की ओर से कहा गया है कि निमंत्रण SCO की स्थापित प्रक्रियाओं के अनुसार भेजे जाएंगे। हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी 2027 में इस्लामाबाद में होने वाले सम्मेलन में शामिल होंगे या नहीं, इस बारे में फिलहाल कोई अंतिम निर्णय सार्वजनिक नहीं हुआ है।
2024 के बाद भारत की भागीदारी पर नजर
भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से द्विपक्षीय स्तर पर संबंधों में तनाव बना हुआ है। इसके बावजूद भारत SCO जैसे बहुपक्षीय मंचों की गतिविधियों में भाग लेता रहा है। भारत 2017 में SCO का पूर्ण सदस्य बना था और तब से संगठन की विभिन्न बैठकों में हिस्सा लेता आया है। सितंबर 2026 की यह बैठक भी उसी बहुपक्षीय प्रक्रिया के तहत हो रही है।
पहलगाम हमले के बाद रिश्तों में बढ़ा तनाव
भारत और पाकिस्तान के संबंधों में 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद तनाव और बढ़ा था। इसके बाद भारत ने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने की कार्रवाई की थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव की स्थिति बनी। मौजूदा SCO बैठक ऐसे ही संवेदनशील द्विपक्षीय माहौल के बीच आयोजित हो रही है।
SCO बैठक को द्विपक्षीय वार्ता से अलग रखना जरूरी
इस्लामाबाद में होने वाली मौजूदा बैठक SCO की आधिकारिक बहुपक्षीय प्रक्रिया का हिस्सा है। इसमें मुख्य रूप से संगठन के कार्यक्रमों, आगामी बैठकों और पाकिस्तान की अध्यक्षता के दौरान होने वाली गतिविधियों पर चर्चा होनी है। इसलिए भारतीय और पाकिस्तानी प्रतिनिधियों की एक ही मंच पर मौजूदगी को सीधे तौर पर दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता के रूप में नहीं देखा जा रहा है।
संगठन के एजेंडे पर रहेगा मुख्य फोकस
तीन दिवसीय बैठक में SCO सहयोग और समन्वय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा जारी रहेगी। पाकिस्तान की अध्यक्षता के दौरान संगठन के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने, आगामी उच्चस्तरीय बैठकों की तैयारी और सदस्य देशों के बीच सहयोग को लेकर समन्वय प्रमुख विषय रहेंगे। अगस्त 2027 में प्रस्तावित इस्लामाबाद शिखर सम्मेलन को देखते हुए मौजूदा बैठक को संगठन की आगामी गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।
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