Indian attacked Dublin : आयरलैंड की राजधानी डबलिन में शनिवार 19 जुलाई को एक 40 वर्षीय भारतीय व्यक्ति पर नस्लीय हमला हुआ। एक नस्लवादी गिरोह ने उस पर चाकू और ब्लेड से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। व्यक्ति के कपड़े तक फाड़ दिए गए और वह चेहरे, हाथ और पैरों पर गंभीर जख्मों के साथ खून से लथपथ मिला। हमलावरों ने उस पर एक बिना आधार का आरोप लगाया कि वह बच्चों के सामने अनुचित व्यवहार कर रहा था। आयरिश पुलिस ने इसे ‘हेट क्राइम’ के तौर पर दर्ज किया है।
गार्डा (आयरिश राष्ट्रीय पुलिस) को शनिवार शाम डबलिन के पार्क हिल रोड, टैलाघ्ट इलाके से सूचना मिली कि एक व्यक्ति घायल अवस्था में पड़ा है। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घायल भारतीय को टैलाघ्ट यूनिवर्सिटी अस्पताल पहुंचाया। 20 जुलाई को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
गार्डा ने पुष्टि की कि भारतीय व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। कुछ दक्षिणपंथी और अप्रवासी-विरोधी ऑनलाइन खातों द्वारा सोशल मीडिया पर फैलाया गया कि वह व्यक्ति बच्चों के सामने गलत हरकत कर रहा था। पुलिस ने इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
घटनास्थल पर मौजूद एक आयरिश महिला ने बताया कि उसने इस हमले को अपनी आंखों से देखा। महिला ने एक वायरल वीडियो में कहा कि वह अपनी ससुराल जा रही थी जब उसने देखा कि 13 युवक और एक युवती उस व्यक्ति को घेरे हुए थे। वह व्यक्ति पूरी तरह से खून से लथपथ था और बहुत शर्मिंदा लग रहा था।
महिला ने आगे बताया कि हमलावरों ने उसके सारे कपड़े उतार दिए थे। उनके हाथों में ब्लेड लगे हुए पंजे थे, जिससे उन्होंने उसके सिर सहित पूरे शरीर पर हमला किया। हमले के कारण व्यक्ति का सिर फट गया था। महिला ने उसे कंबल और प्राथमिक उपचार दिया और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पीड़ित व्यक्ति एक सप्ताह पहले ही भारत से आयरलैंड पहुंचा था और इस घटना ने उसकी जिंदगी बदल दी। महिला ने भावुक होते हुए कहा कि वह व्यक्ति पूरी तरह से असहाय और डरा हुआ लग रहा था, और उसे यह भी समझ नहीं आ रहा था कि उसके साथ क्या हो रहा है।
प्रत्यक्षदर्शी महिला ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इस नस्लवादी गिरोह ने पिछले चार दिनों में चार अलग-अलग भारतीयों पर चाकू से हमला किया है। वह बोली, “ये किशोर गली-मोहल्लों में घूमते हैं और भारतीयों को निशाना बनाकर उनके चेहरे पर चाकू से हमला करते हैं।”
इस हमले पर आयरलैंड के न्याय मंत्री जिम ओ’कैलाघन ने बयान जारी किया है। उन्होंने कहा, “हमें यह जानकारी है कि कई बार अप्रवासियों पर झूठे आरोप लगाए जाते हैं और उन्हें अपराधों का जिम्मेदार ठहराया जाता है।” उन्होंने बताया कि उन्होंने आंकड़े मंगवाए हैं, और इससे स्पष्ट होता है कि आप्रवासियों का अपराध में संलिप्तता का प्रतिशत समाज में उनकी जनसंख्या से कम है।
इस घटना ने आयरलैंड में अप्रवासियों, खासकर भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि यह नस्लीय हमले इसी तरह चलते रहे, तो यह न केवल भारत-आयरलैंड संबंधों को प्रभावित कर सकता है, बल्कि वहां रहने वाले भारतीय समुदाय के बीच डर का माहौल भी बना सकता है।
अब जरूरत है कि भारत सरकार आयरिश सरकार से कड़े शब्दों में बात करे और वहां बसे भारतीयों की सुरक्षा के लिए डिप्लोमैटिक चैनलों से हस्तक्षेप करे। यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि समूचे भारतीय समुदाय की गरिमा पर आघात है।
इस बर्बर घटना ने एक बार फिर से दिखा दिया है कि नस्लीय पूर्वाग्रह आज भी जिंदा है। आयरिश पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया सराहनीय है, लेकिन जरूरत है कि ऐसे हमलावरों को जल्द से जल्द पकड़कर सख्त सजा दी जाए। साथ ही, सोशल मीडिया पर फर्जी और घृणित प्रचार करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठोस पहल की आवश्यकता है। यह केवल एक व्यक्ति की बात नहीं, एक पूरे समुदाय की अस्मिता और अधिकारों की रक्षा का विषय है।
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