Indian Share Market: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और वहां जारी रेड अलर्ट के कारण वैश्विक स्तर पर निवेशकों के बीच भारी अनिश्चितता का माहौल है। इस भू-राजनीतिक अस्थिरता का सीधा असर सोमवार, 13 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया। बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई, जहाँ बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 606.04 अंक गिरकर 76,963.35 के स्तर पर खुला। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 167 अंकों के नुकसान के साथ 24,039 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। आज के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव ट्रेंट लिमिटेड (Trent Ltd) के शेयरों पर देखा जा रहा है, जिसमें पहली तिमाही के कमजोर वित्तीय परिणामों के चलते 12% से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई है।

एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख और निवेशकों की चिंता
एशियाई बाजारों में आज भारी बिकवाली और अनिश्चितता का दौर बना हुआ है। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़े तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल ने निवेशकों की धारणा को बुरी तरह प्रभावित किया है। जापान का बेंचमार्क सूचकांक ‘निक्केई 225’ 0.70% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है, जबकि ‘टॉपिक्स’ में मामूली 0.02% की बढ़त देखी गई है। दूसरी ओर, दक्षिण कोरिया के ‘कोस्पी’ इंडेक्स ने 1.80% और ‘कोस्डैक’ ने 0.79% की तेजी हासिल की है। हांगकांग का ‘हैंग सेंग’ इंडेक्स भी अपने पिछले बंद भाव के मुकाबले मजबूती के संकेत दे रहा है। कुल मिलाकर, क्षेत्रवार प्रदर्शन में भारी उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

वॉल स्ट्रीट में भी मंदी: अमेरिकी फ्यूचर्स में दिखा दबाव
ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद सोमवार को अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में भी सुस्ती देखी जा रही है। डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स में 135 अंक या 0.3% की गिरावट है, जबकि S&P 500 फ्यूचर्स में भी 0.3% और नैस्डैक-100 फ्यूचर्स में 0.5% की गिरावट के साथ ट्रेड हो रहा है। पिछले कारोबारी सत्र में वॉल स्ट्रीट मजबूती के साथ बंद हुआ था, लेकिन मौजूदा तनाव ने बाजार के मूड को फिर से बिगाड़ दिया है। वैश्विक स्तर पर निवेशकों की नजरें अब ईरान और अमेरिका की अगली सैन्य गतिविधियों पर टिकी हुई हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में आग: ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर के करीब
अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में आज कच्चे तेल की कीमतों ने आग पकड़ ली है। ब्रेंट क्रूड 4.41% की भारी तेजी के साथ 79.36 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है और अब यह 80 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर की ओर तेजी से बढ़ रहा है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 4.43% उछलकर 74.57 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। घरेलू वायदा बाजार में भी इसका सीधा असर दिख रहा है, जहां कच्चा तेल 177 रुपये की बढ़त के साथ 6,991 रुपये प्रति बैरल के उच्च स्तर पर कारोबार कर रहा है।
डॉलर की मजबूती और रुपये पर बढ़ता दबाव
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) में आज 0.18% की वृद्धि देखी जा रही है, जो अब 101.13 के स्तर पर पहुंच गया है। डॉलर की यह मजबूती अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले उसे और ताकतवर बना रही है। भारतीय रुपया भी इस दबाव से अछूता नहीं है। पिछले कारोबारी सत्र में रुपया डॉलर के मुकाबले 0.07% गिरकर 95.32 के स्तर पर बंद हुआ था। आने वाले दिनों में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव के चलते भारतीय रुपये पर और अधिक दबाव पड़ने की आशंका है।
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