UP PCS Transfer : उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से योगी सरकार ने एक बार फिर बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया है। हालिया आदेशों के तहत राज्य सरकार ने 182 प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस फेरबदल में राज्य के कई जिलों के उप-जिलाधिकारी (SDM) बदल दिए गए हैं और दर्जनों अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह कदम सरकार की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत समय-समय पर अधिकारियों का कार्यक्षेत्र बदला जाता है ताकि प्रशासनिक दक्षता बनी रहे। इससे पहले भी सरकार पिछले वर्ष जून महीने में 127 पीसीएस अधिकारियों के एक साथ तबादले कर चुकी है।

प्रमुख अधिकारियों की नई तैनाती और कार्यभार
तबादला सूची में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक नियुक्तियां शामिल हैं। सुरभि शर्मा को कानपुर देहात से बागपत का एसडीएम बनाया गया है, जबकि पुष्पेंद्र पटेल को गाजीपुर से अंबेडकर नगर भेजा गया है। शुभम यादव अब उन्नाव से बुलंदशहर की कमान संभालेंगे। प्रतिभा मिश्रा को वाराणसी से कानपुर देहात और गोपाल शर्मा को मैनपुरी से बरेली का एसडीएम नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, लवलीत कौर को हाथरस से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में ओएसडी के पद पर भेजा गया है। सूची में वीर सिंह, पुष्परनाथ चौधरी, अवधेश कुमार निगम, दीपिका मेहरा और सचिन राजपूत जैसे कई अधिकारी शामिल हैं, जिन्हें अलग-अलग जिलों में नई प्रशासनिक भूमिकाएं दी गई हैं। सरकार का प्रयास है कि इन नियुक्तियों के जरिए जिलों में जनसुनवाई और विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।

IAS अधिकारियों के स्तर पर भी बड़ा बदलाव
PCS अधिकारियों के अलावा, सरकार ने सचिव और विशेष सचिव स्तर के 20 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों का भी बड़े पैमाने पर तबादला किया है। गुरुवार देर शाम जारी इस सूची में बलिया, आजमगढ़ और इटावा जैसे जिलों में मुख्य विकास अधिकारियों (CDO) की नियुक्ति समेत कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। सुधा वर्मा को सचिव राजस्व विभाग से श्रमायुक्त (UP) की अहम जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, नेहा शर्मा को महानिदेशक (चिकित्सा शिक्षा) और अरुण कुमार को मिशन निदेशक (राज्य ग्रामीण आजीविका) के पद पर तैनात किया गया है। दीपा रंजन, संदीप भागिया, आलोक कुमार और संजय कुमार सिंह जैसे अनुभवी आईएएस अधिकारियों को भी नई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
बेहतर प्रशासन और सुशासन की दिशा में सरकार का प्रयास
उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम प्रदेश की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी और गतिशील बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों को बदलने से कार्यों में नई ऊर्जा का संचार होता है। इन तबादलों से न केवल जिलों में प्रशासनिक कार्यों को गति मिलेगी, बल्कि सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही यह कवायद प्रदेश की नौकरशाही में ‘जीरो टॉलरेंस’ और विकास-उन्मुख प्रशासनिक संस्कृति को बढ़ावा देने का एक स्पष्ट संकेत है। आने वाले समय में इन अधिकारियों को अपने नए कार्यक्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और विकास योजनाओं की सफलता सुनिश्चित करने की चुनौती होगी।
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