Indonesia Earthquake : इंडोनेशिया में शनिवार को कुछ ही घंटों के अंतराल में दूसरी बार धरती कांपने से दहशत फैल गई। उत्तरी सुमात्रा क्षेत्र में 6.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया। यह झटका उस बड़े भूकंप के बाद आया, जिसने इससे पहले देश के कई हिस्सों को हिलाकर रख दिया था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ताजा भूकंप का केंद्र जमीन के करीब 163 किलोमीटर नीचे दर्ज किया गया। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज यानी GFZ ने भूकंप की तीव्रता और गहराई की पुष्टि की है।


पहले आए 7.7 तीव्रता के भूकंप में गई 38 लोगों की जान
ताजा भूकंप से कुछ घंटे पहले इंडोनेशिया में 7.7 तीव्रता का बेहद शक्तिशाली भूकंप आया था। इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 38 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। कई इलाकों में तेज झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। राहत और बचाव दल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

फ्लोरेस तट के पास भी महसूस किए गए जोरदार झटके
शनिवार सुबह इंडोनेशिया के फ्लोरेस क्षेत्र के तट के पास भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। भूकंप के बाद नुसा तेंगारा के कुछ हिस्सों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी। हालांकि, बाद में स्थिति का आकलन करने के बाद सुनामी अलर्ट वापस ले लिया गया। प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी और संभावित खतरे को देखते हुए राहत एजेंसियों को सतर्क रखा।
अस्पतालों और इमारतों को भी नुकसान की खबर
भूकंप के तेज झटकों के कारण कई स्थानों पर इमारतों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। कुछ प्रभावित इलाकों में अस्पतालों को भी खाली कराना पड़ा, ताकि किसी बड़े खतरे की स्थिति में मरीजों और कर्मचारियों को सुरक्षित रखा जा सके। प्रशासन की टीमें क्षतिग्रस्त इमारतों और अन्य सार्वजनिक ढांचों का निरीक्षण कर रही हैं। फिलहाल नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।
लैंडस्लाइड से कई रास्ते हुए बंद
भूकंप के बाद कई इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आई हैं। जमीन खिसकने से सड़कें और संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं, जिससे राहत और बचाव कार्य प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित होने की सूचना है। इसके अलावा कुछ प्रभावित क्षेत्रों में संचार व्यवस्था कमजोर पड़ गई है। ऐसी परिस्थितियों में बचाव टीमों को प्रभावित लोगों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

नागेकेओ तक पहुंचने में रेस्क्यू टीम को परेशानी
भूस्खलन के कारण रास्ते बाधित होने की वजह से बचाव दल अभी तक भूकंप के केंद्र के सबसे नजदीकी इलाकों में से एक नागेकेओ तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाए हैं। प्रशासन की टीमें वैकल्पिक रास्तों की तलाश कर रही हैं। अधिकारियों का प्रयास है कि सड़क संपर्क बहाल कर जल्द से जल्द प्रभावित लोगों तक चिकित्सा सहायता, भोजन और अन्य जरूरी सामान पहुंचाया जा सके।
सोशल मीडिया पर सामने आई तबाही की तस्वीरें
भूकंप के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है। कुछ वीडियो में इमारतों के क्षतिग्रस्त होने, ढही हुई संरचनाओं से धूल के गुबार उठने और तेज झटकों के दौरान लोगों को सड़कों की ओर भागते हुए देखा जा सकता है। इन तस्वीरों ने भूकंप की भयावहता को उजागर किया है। हालांकि, राहत एजेंसियां वायरल सामग्री की स्वतंत्र पुष्टि करने में जुटी हैं।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, बेहद डरावना था अनुभव
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबुरा निवासी 51 वर्षीय नोना ने भूकंप के अनुभव को बेहद भयावह बताया। उन्होंने कहा कि झटके इतने जबरदस्त थे कि परिवार के साथ घर में आराम करते समय अचानक सबकुछ हिलने लगा। इस दौरान लोगों में घबराहट फैल गई और कई लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में बाहर निकल आए। प्रभावित क्षेत्रों में अब भी आफ्टरशॉक्स की आशंका के चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
पूरे देश में राहत और बचाव अभियान जारी
इंडोनेशिया में लगातार आए भूकंपों के बाद प्रशासन और राहत एजेंसियां बचाव अभियान में जुटी हैं। प्रभावित क्षेत्रों में क्षति का आकलन, घायलों के उपचार और फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और जरूरी सेवाओं को बहाल करना है। दूसरी ओर, संभावित नए झटकों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है।
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