Intern Doctors Protest : अंबिकापुर में इंटर्न डॉक्टर बने ‘MBBS चायवाला’, स्टाइपेंड बढ़ाने का अनोखा प्रदर्शन

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर अनोखा प्रदर्शन किया। डॉक्टरों ने ‘MBBS चायवाला’ बनकर चाय बांटी और लोगों से सहयोग की अपील की। प्रदर्शन के जरिए उन्होंने अपनी आर्थिक परेशानियों और स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग को प्रशासन के सामने नए अंदाज में रखा।

Intern Doctors Protest : अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सोमवार को इंटर्न डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन चर्चा का विषय बन गया। सफेद एप्रन पहने डॉक्टर हाथों में केतली और चाय के कप लेकर धरना स्थल पर पहुंचे। वहां अदरक वाली चाय बनाई गई और आने-जाने वाले लोगों को पिलाई गई। इंटर्न चिकित्सकों ने अपने इस अनोखे प्रदर्शन को ‘MBBS चायवाला’ नाम दिया। प्रदर्शन के जरिए उन्होंने सरकार का ध्यान कम स्टाइपेंड और अस्पताल में सुरक्षा व सम्मान से जुड़ी मांगों की ओर आकर्षित किया।

ads
Adst

स्टाइपेंड को लेकर अनोखे अंदाज में प्रदर्शन

इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद भी उन्हें मिलने वाला स्टाइपेंड काफी कम है। इसी बात को प्रतीकात्मक रूप से दिखाने के लिए उन्होंने धरना स्थल पर चाय बेचने जैसा प्रदर्शन किया। उनका तर्क है कि एक चाय विक्रेता दिनभर में जितनी आमदनी कर सकता है, वह कई बार 24 घंटे तक ड्यूटी करने वाले इंटर्न डॉक्टर के दैनिक स्टाइपेंड से अधिक हो सकती है।

Adst

चार अगस्त से जारी है इंटर्न डॉक्टरों का धरना

स्टाइपेंड में बढ़ोतरी, सम्मान और सुरक्षा की मांग को लेकर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के इंटर्न चिकित्सक चार अगस्त से धरने पर बैठे हैं। अब तक वे अलग-अलग तरीकों से अपनी मांगों को सामने रख रहे थे। सोमवार को उन्होंने विरोध का तरीका बदलते हुए धरना स्थल पर ही चाय बनाकर लोगों को पिलाई। इस दौरान उन्होंने मरीजों के परिजनों, अस्पताल के कर्मचारियों और आम नागरिकों से अपनी समस्याएं साझा कीं।

चाय के साथ रखा गया सहयोग का डिब्बा

इंटर्न डॉक्टरों ने चाय के साथ एक डिब्बा भी रखा था, जिस पर लोगों से स्वेच्छा से राशि डालने की अपील की गई। डॉक्टरों ने बताया कि यह किसी तरह की व्यावसायिक गतिविधि नहीं, बल्कि उनके विरोध का प्रतीकात्मक हिस्सा है। वे यह संदेश देना चाहते थे कि उनकी आर्थिक स्थिति कितनी चुनौतीपूर्ण है। लोगों को चाय पिलाकर उन्होंने अपने स्टाइपेंड और काम की परिस्थितियों के बीच अंतर समझाने की कोशिश की।

15,900 रुपये स्टाइपेंड, 30 हजार की मांग

इंटर्न चिकित्सकों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में एमबीबीएस इंटर्न को फिलहाल 15,900 रुपये का मासिक स्टाइपेंड मिलता है। उनकी मांग है कि इसे बढ़ाकर कम से कम 30 हजार रुपये किया जाए। उनका कहना है कि वर्तमान राशि में परिवार की जिम्मेदारियां और रोजमर्रा के खर्च संभालना मुश्किल हो रहा है। डॉक्टरों का दावा है कि दूसरे राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ में मिलने वाला स्टाइपेंड काफी कम है।

Adst

24 घंटे की ड्यूटी के बावजूद आर्थिक परेशानी

इंटर्न डॉक्टरों ने कहा कि वे अस्पताल में पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ मरीजों की सेवा कर रहे हैं। आपातकालीन विभाग, ओपीडी और वार्डों में उन्हें दिन-रात ड्यूटी करनी पड़ती है। इसके बावजूद उन्हें उनकी मेहनत के अनुरूप आर्थिक सहायता नहीं मिल रही है। डॉक्टरों का कहना है कि पेशेवर जिम्मेदारियां बढ़ने के साथ उनके खर्च भी बढ़ रहे हैं, इसलिए स्टाइपेंड में संशोधन जरूरी है।

सम्मान और सुरक्षा की भी मांग

इंटर्न चिकित्सकों की मांग सिर्फ स्टाइपेंड बढ़ाने तक सीमित नहीं है। वे अस्पताल में काम करने के दौरान सम्मानजनक व्यवहार और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की भी मांग कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मरीजों की सेवा करते समय उन्हें सुरक्षित माहौल मिलना जरूरी है। उनका दावा है कि बेहतर सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य वातावरण से वे मरीजों की जिम्मेदारियों को और अधिक प्रभावी तरीके से निभा सकेंगे।

प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में चल रहा आंदोलन

इंटर्न डॉक्टरों का यह आंदोलन केवल अंबिकापुर तक सीमित नहीं है। प्रदेश के अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में भी इंटर्न चिकित्सक स्टाइपेंड में वृद्धि की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में सोमवार का ‘MBBS चायवाला’ कार्यक्रम इसी राज्यव्यापी आंदोलन का हिस्सा रहा। इंटर्न डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

लोगों ने चाय पीकर किया समर्थन

‘MBBS चायवाला’ प्रदर्शन अस्पताल परिसर में आने वाले लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा। कई मरीजों के परिजन, अस्पताल कर्मचारी और आम लोग इंटर्न डॉक्टरों के पास रुके और उनकी बात सुनी। कुछ लोगों ने चाय पीने के बाद सहयोग राशि भी डिब्बे में डाली। इंटर्न डॉक्टरों ने इसे अपनी मांगों के प्रति लोगों के समर्थन के रूप में देखा।

मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी

इंटर्न चिकित्सकों ने कहा है कि सरकार को उनकी मांगों पर जल्द विचार करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्टाइपेंड बढ़ाने के साथ सम्मान और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है। फिलहाल ‘MBBS चायवाला’ के जरिए इंटर्न डॉक्टरों ने अपने विरोध को नया रूप दिया है और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश की है।

Read More  : Akshat Agrawal Murder: संजीव मंडल को आजीवन कारावास, कोर्ट ने सुनाया फैसला

Adst
Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
पिछले पोस्ट
अगला पोस्ट

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.