International Yoga Day 2026 : वैश्विक स्तर पर मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के आगमन में अब कुछ ही दिनों का समय शेष रह गया है। इस बेहद खास और गौरवपूर्ण अवसर से पहले ही भारत सरकार का आयुष मंत्रालय देश के सभी नागरिकों से लगातार यह अपील कर रहा है कि वे अपने दैनिक जीवन और दिनचर्या में योगासन को अनिवार्य रूप से शामिल करें। आयुष मंत्रालय का मानना है कि सही और प्रामाणिक आसनों के नियमित अभ्यास से न केवल मनुष्य का शारीरिक स्वास्थ्य काफी बेहतर होता है, बल्कि उसका मन भी हमेशा प्रसन्न, प्रफुल्लित और पूरी तरह शांत रहता है। योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाकर कई तरह की गंभीर बीमारियों से खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है।

आधुनिक जीवनशैली और हाइपरटेंशन में क्यों फायदेमंद है बद्ध कोणासन
आयुष मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, योग केवल एक सामान्य शारीरिक व्यायाम या कसरत नहीं है, बल्कि यह मानव शरीर, आत्मा और मस्तिष्क दोनों को पूरी तरह स्वस्थ रखने का एक प्राचीन भारतीय विज्ञान है। आज की अत्यधिक व्यस्त जीवनशैली, दफ्तर के काम के बढ़ते दबाव, खराब खानपान और मानसिक तनाव की वजह से आजकल हर उम्र के लोग अक्सर हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) जैसी साइलेंट किलर समस्याओं का तेजी से सामना कर रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए देश के शीर्ष योग विशेषज्ञों की यह सलाह है कि लोगों को नियमित रूप से ‘बद्ध कोणासन’ का अभ्यास करना चाहिए, जो उच्च रक्तचाप को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने में बेहद कारगर और फायदेमंद साबित होता है।

जानिए क्या है बद्ध कोणासन और इसके पीछे का विज्ञान
बद्ध कोणासन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘बाउंड एंगल पोज’ (Bound Angle Pose) के नाम से भी जाना जाता है। कुछ लोग इसे इसकी विशेष आकृति के कारण ‘तितली आसन’ या बटरफ्लाई पोज से मिलता-जुलता भी मानते हैं। यह जमीन पर बैठकर बहुत ही आसानी से किया जाने वाला एक अत्यंत सरल लेकिन बेहद प्रभावी योगासन है। यह आसन मुख्य रूप से शरीर के निचले हिस्से की मांसपेशियों और नसों पर काम करता है, जिससे शरीर में ऊर्जा का प्रवाह सुचारू रूप से होने लगता है।
बद्ध कोणासन को करने का सबसे सटीक और सही तरीका
इस आसन का पूरा लाभ उठाने के लिए इसे सही विधि से करना बेहद जरूरी है। इसे करने के लिए सबसे पहले फर्श या योग मैट पर एकदम सीधे बैठ जाएं। इसके बाद अपने दोनों पैरों के घुटनों को मोड़ते हुए दोनों पैरों की एड़ियों और तलवों को आपस में एक-दूसरे से सटाकर मिला लें। इस दौरान आपके घुटने बाहर की तरफ फैले होने चाहिए। अब अपने दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में फंसाते हुए पैरों के पंजों या उंगलियों को मजबूती से पकड़ें।
इस मुद्रा में अपनी रीढ़ की हड्डी और पीठ को एकदम सीधा रखते हुए बैठें और गहरी व लंबी सांसें लें। इस आसन में कुछ देर तक स्थिर रहने से शरीर के निचले हिस्से (पेल्विक एरिया) की मांसपेशियां एक्टिव हो जाती हैं, जिससे पूरे शरीर का रक्त संचार (ब्लड सर्कुलेशन) बेहतर होता है और शरीर में जमा सारा मानसिक व शारीरिक तनाव धीरे-धीरे पूरी तरह दूर होने लगता है।
रोजाना सिर्फ 15 मिनट अभ्यास करने से शरीर को मिलेंगे ये अद्भुत फायदे
योग विशेषज्ञों और डॉक्टरों का कहना है कि बद्ध कोणासन का नियमित अभ्यास हमारे शरीर के पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम (Parasympathetic Nervous System) को सक्रिय कर देता है। इसके सक्रिय होने से दिल की धड़कन पूरी तरह सामान्य और नियंत्रित रहती है, जिससे ब्लड प्रेशर का स्तर कम होता है और मन को एक गहरी आंतरिक शांति का अनुभव होता है। गहरी सांसें लेते और छोड़ते हुए इस आसन का अभ्यास करने से पूरे दिन की शारीरिक थकान, सुस्ती और मस्तिष्क में आने वाले सभी प्रकार के नकारात्मक विचार पूरी तरह दूर हो जाते हैं। इससे मनुष्य का मूड अच्छा रहता है और तनाव (स्ट्रेस हार्मोन) का स्तर काफी नीचे गिर जाता है।
योग विशेषज्ञ की सलाह और आयुष मंत्रालय का देश के युवाओं को संदेश
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का यह स्पष्ट मानना है कि अगर कोई व्यक्ति अपनी 24 घंटे की दिनचर्या में से रोजाना सिर्फ 15 मिनट भी योग के लिए निकालता है, तो वह खुद को पूरे दिन ऊर्जावान, स्फूर्तिवान और सकारात्मक महसूस करा सकता है। बद्ध कोणासन का यह अभ्यास खासकर उन मरीजों के लिए एक वरदान की तरह है जो लंबे समय से क्रॉनिक हाइपरटेंशन या दिल से जुड़ी दिक्कतों की समस्या से जूझ रहे हैं।
हालांकि, विशेषज्ञों ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि आप किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, तो किसी भी नए योगासन को शुरू करने से पहले एक प्रमाणित योग प्रशिक्षक या डॉक्टर से सलाह जरूर लें। अंत में, आयुष मंत्रालय ने देश के सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं, मध्यम आयु वर्ग के कामकाजी लोगों और बुजुर्गों से यह भावुक अनुरोध किया है कि वे इस आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को ऐतिहासिक और यादगार बनाएं तथा योग को केवल एक दिन का उत्सव न मानकर इसे अपने जीवन का एक अटूट अंग बना लें।
Read More : Afghanistan A vs India A: अफगानिस्तान का बड़ा उलटफेर, इंडिया A को 4 रन से हराया, बारिश बनी मैच की विलेन











