Tripura Border: त्रिपुरा के खौई उपमंडल में तनाव बढ़ गया है। खबरों के मुताबिक, बांग्लादेशी नागरिक मात्र 2000 रुपया देकर भारत में घुसपैठ कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह काम स्थानीय दलालों और कुछ BSF जवानों की मिलीभगत से हो रहा है। सीमा पर कंटीली तार, सीसीटीवी और फ्लडलाइट की मौजूदगी के बावजूद बड़े पैमाने पर घुसपैठ जारी है, जिससे सीमा सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
खौई थाना पुलिस के अनुसार, पिछले 15 दिनों में 22 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि असली संख्या इससे कहीं अधिक है। आरोप है कि भारतीय दलाल घुसपैठियों से पैसे लेकर उन्हें ऑटो रिक्शा के जरिए शहरों तक पहुंचाते हैं कई बार BSF की मौजूदगी में ही।
ताजा मामला गुरुवार रात का है, जब 11 बांग्लादेशी नागरिक करांगी छा इलाके से सीमा पार कर भारत में घुस आए। स्थानीय दलाल शंकु दास ने कथित रूप से हर घुसपैठिए से 2000 रुपया लेकर दो ऑटो रिक्शा की व्यवस्था की थी, जो उन्हें खौई टाउन तक ले जा रहे थे।
सोंबरिया बाजार के लोगों ने संदिग्धों को रोककर पूछताछ की तो उनकी नागरिकता बांग्लादेश की निकली। इससे आक्रोशित भीड़ ने दोनों ड्राइवरों बिश्वजीत दास और आतिश दास की पिटाई कर दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ड्राइवरों को बचाया और सभी को थाने ले गई।
पूछताछ में छह लोगों ने माना कि वे बांग्लादेश के ब्रह्मनबाड़िया और हबीगंज जिलों से आए हैं। इनमें मोनिरानी दास (30), उसकी बेटियां महिमा (8) और पियासा (3), दिपन दास (30), हृदॉय दास (28) और गोपाल दास (41) शामिल हैं। सभी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।खौई के एसपी रणदित्य दास ने बताया कि अवैध प्रवेश और आप्रवासन कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों ऑटो चालकों को भी आरोपी बनाया गया है और उनके वाहन जब्त किए गए हैं।
खौई उपमंडल की 61.5 किमी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा बांग्लादेश से लगती है, जिसमें 99% क्षेत्र फेंसिंग से कवर है। फिर भी 70वीं और 104वीं बटालियन की सुरक्षा के बावजूद घुसपैठ जारी है। हाल ही में विद्याबिल गांव में तीन बांग्लादेशी पशु तस्करों की भीड़ द्वारा पिटाई में मौत हो चुकी है, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया है।स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि यह नेटवर्क स्थानीय संरक्षण और भ्रष्टाचार की वजह से फल-फूल रहा है, जबकि BSF और पुलिस “देखकर भी अनदेखा” कर रही हैं।
लगातार हो रही घुसपैठ से आसाराम बाड़ी विधानसभा क्षेत्र के लोग डरे हुए हैं। उन्हें आशंका है कि यह रुझान जनसांख्यिकीय संतुलन और अपराध दर को प्रभावित कर सकता है। विपक्ष ने इसे “डबल इंजन सरकार की नाकामी” करार दिया है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है, लेकिन जनता का सवाल अब भी वही है क्या सीमा पर ‘2000 रुपया एंट्री’ का यह गोरखधंधा भ्रष्ट तंत्र की देन है, जो भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है?
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