Hormuz Strait News : ईरान और ओमान के बीच जहाजों की आवाजाही के लिए नए समुद्री मार्ग पर सहमति बनने के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की खबरों पर ईरान ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। ईरान का कहना है कि दोनों देशों के बीच हुआ समझौता होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने से संबंधित नहीं है। ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप-विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि यह जलमार्ग फिलहाल सैन्य रूप से बंद है और तत्काल इसके खुलने की कोई संभावना नहीं है।
‘होर्मुज कल नहीं खुलेगा’
काजेम गरीबाबादी ने मंगलवार रात एक टेलीविजन कार्यक्रम के दौरान इस मुद्दे पर ईरान का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि ईरान और ओमान के बीच बनी नई व्यवस्था को होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि होर्मुज अगले दिन नहीं खुलेगा। उनके मुताबिक, दोनों देशों के बीच जो व्यवस्था बनी है, वह केवल जहाजों की आवाजाही के लिए तैयार किया गया एक वैकल्पिक और अस्थायी समुद्री रास्ता है।
जहाजों के लिए तैयार हुआ अस्थायी समुद्री कॉरिडोर
ईरानी अधिकारी के अनुसार, नई व्यवस्था के तहत फारस की खाड़ी की ओर जाने वाले वाणिज्यिक जहाज ईरान के जलक्षेत्र से होकर गुजरेंगे। वहीं, खाड़ी से बाहर निकलने वाले जहाज ओमान के क्षेत्रीय जल का इस्तेमाल करेंगे। इस व्यवस्था के कारण जहाजों की आवाजाही के लिए एक अलग समुद्री कॉरिडोर तैयार होगा। हालांकि, इस मार्ग का इस्तेमाल करते समय जहाजों को ईरानी समुद्री क्षेत्र से गुजरना अनिवार्य होगा।
करीब सात मील चौड़ा होगा नया समुद्री मार्ग
गरीबाबादी ने नए समुद्री रास्ते की तुलना एक ऐसी सड़क से की, जहां आने और जाने के लिए अलग-अलग व्यवस्था होती है। उन्होंने बताया कि इस अस्थायी समुद्री कॉरिडोर की कुल चौड़ाई लगभग सात मील होगी। इसका उद्देश्य मौजूदा परिस्थितियों में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही को संभव बनाना है। हालांकि, ईरानी अधिकारी ने साफ किया कि इसे होर्मुज जलडमरूमध्य के सामान्य संचालन की वापसी नहीं माना जाना चाहिए।
नया रास्ता स्थायी समाधान नहीं
ईरान और ओमान के बीच बनी मौजूदा व्यवस्था को स्थायी समाधान नहीं माना जा रहा है। गरीबाबादी ने बताया कि दोनों देशों को आने वाले 30 से 60 दिनों के भीतर एक स्थायी समुद्री मार्ग तैयार करने को लेकर बातचीत करनी होगी। भविष्य में बनने वाला यह नया मार्ग वर्तमान अस्थायी व्यवस्था का स्थान ले सकता है। इसके लिए दोनों देशों के बीच आगे की बातचीत और तकनीकी स्तर पर सहमति जरूरी होगी।
सैन्य जहाजों को नहीं मिलेगी अनुमति
नई समुद्री व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी गई है। ईरानी उप-विदेश मंत्री के मुताबिक, इस वैकल्पिक मार्ग से सैन्य जहाजों को गुजरने की अनुमति नहीं होगी। केवल वाणिज्यिक जहाज ही इस रास्ते का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसका मतलब है कि फिलहाल तैयार किया गया कॉरिडोर मुख्य रूप से व्यापारिक और नागरिक समुद्री यातायात को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य की अहमियत
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और आगे अरब सागर से जोड़ता है। इस रास्ते से बड़ी मात्रा में तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों का अंतरराष्ट्रीय परिवहन होता है। इसलिए यहां किसी भी तरह की रुकावट का असर केवल क्षेत्रीय व्यापार पर नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।
अस्थायी समझौते से व्यापारिक जहाजों को राहत
ईरान और ओमान के बीच बनी नई व्यवस्था से कम से कम वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही के लिए सीमित विकल्प उपलब्ध हो सकता है। इससे समुद्री व्यापार को पूरी तरह बाधित होने से बचाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, ईरान के बयान से स्पष्ट है कि यह सामान्य समुद्री यातायात की बहाली नहीं है। वास्तविक स्थिति स्थायी समुद्री मार्ग को लेकर होने वाली आगामी बातचीत पर निर्भर करेगी।
30 से 60 दिनों में होगी आगे की बातचीत
ईरान और ओमान के अधिकारियों के बीच अगले कुछ सप्ताह में स्थायी समुद्री मार्ग को लेकर चर्चा होने की संभावना है। ईरान की ओर से संकेत दिया गया है कि मौजूदा अस्थायी व्यवस्था लंबे समय तक जारी रखने के लिए नहीं है। दोनों देशों को ऐसा रास्ता तैयार करना होगा, जो व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित और नियमित आवाजाही सुनिश्चित कर सके।
होर्मुज को लेकर ईरान का रुख साफ
ईरान के ताजा बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि ओमान के साथ समुद्री समझौते को होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने के तौर पर नहीं देखा जा सकता। फिलहाल सैन्य गतिविधियों के कारण जलमार्ग बंद रहने की बात ईरान ने दोहराई है। आने वाले दिनों में अस्थायी समुद्री कॉरिडोर कितना प्रभावी रहता है और स्थायी मार्ग पर दोनों देशों के बीच कितनी जल्दी सहमति बनती है, इस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर रहेगी।
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