Iran Israel War 2026: पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी भीषण संघर्ष ने अब एक ऐसा डरावना रूप अख्तियार कर लिया है, जहाँ पूरी मानवता खतरे में नजर आ रही है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ती जंग ने वैश्विक शांति को छिन्न-भिन्न कर दिया है और दुनिया को विनाशकारी तीसरे विश्वयुद्ध की दहलीज पर खड़ा कर दिया है। इस तनावपूर्ण स्थिति पर रूस ने अत्यंत कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रूस की ओर से चेतावनी दी गई है कि यह सैन्य जिद पूरी दुनिया को ‘नर्क’ की ओर धकेल सकती है। युद्ध के चौथे दिन भी आसमान से बरसती मिसाइलों और भीषण बमबारी का सिलसिला थमा नहीं है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और चारों ओर तबाही का मंजर है।

ईरान के परमाणु ठिकानों और रणनीतिक केंद्रों पर भीषण प्रहार
मंगलवार का दिन इस संघर्ष का सबसे काला अध्याय साबित हुआ, जब अमेरिकी और इजरायली वायुसेना ने संयुक्त रूप से ईरान के भीतर घुसकर भीषण बमबारी की। इस हमले में ईरान के परमाणु ठिकानों, सैन्य डिपो और यहाँ तक कि राष्ट्रपति कार्यालय के समीपवर्ती क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। इस प्रहार के जवाब में ईरान ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। ईरान ने सऊदी अरब, दुबई और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और ‘कामिकेज़’ ड्रोन्स की बारिश कर दी। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, इस भीषण आग में अब तक 742 ईरानी नागरिकों और 6 अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि घायलों की संख्या हजारों में है।
वैश्विक तेल बाजार पर संकट और भारत की तैयारी
इस युद्ध का सबसे घातक असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल बाजार पर पड़ रहा है। फारस की खाड़ी में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की सप्लाई पूरी तरह ठप होने का खतरा पैदा हो गया है। भारत के संदर्भ में, सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्पष्ट किया है कि घबराने की आवश्यकता नहीं है। भारत के पास फिलहाल अगले 25 दिनों का ‘स्ट्रैटेजिक तेल रिजर्व’ मौजूद है। प्रशासन ने जनता को भरोसा दिलाया है कि आने वाले 25 दिनों तक पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी, ताकि आम नागरिक को इस वैश्विक संकट के बीच आर्थिक राहत मिल सके।
आईआरजीसी की धमकी और ट्रंप का आगामी अनुमान
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने इस युद्ध को और भयावह बनाने की चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि दुनिया भर में मौजूद अमेरिकी हितों, संपत्तियों और होटलों को अपना निशाना बनाएंगे। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संघर्ष के लंबा खिंचने के संकेत दिए हैं। उनका मानना है कि यह युद्ध अभी 4 से 5 हफ्ते और चल सकता है। इसी बीच, इजरायली सेना लेबनान की सीमा में भी प्रवेश कर चुकी है, जिसके कारण वहां मानवीय संकट खड़ा हो गया है और 30 हजार से अधिक लोग विस्थापित होकर दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
रूस का कड़ा रुख: मेदवेदेव की गंभीर चेतावनी
ईरान पर इजरायल और अमेरिका के बढ़ते हमलों ने रूस के तेवर तल्ख कर दिए हैं। रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने एक बेहद गंभीर और डरावनी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नेतन्याहू की ‘रणनीतिक सनक’ ने मानवता को विनाश के कगार पर खड़ा कर दिया है। रूस का मानना है कि यदि यह हस्तक्षेप तुरंत नहीं रुका, तो यह स्थानीय संघर्ष एक पूर्ण विकसित विश्वयुद्ध में बदल जाएगा। रूस के इस बयान ने न केवल कूटनीतिक हलकों में, बल्कि वैश्विक शेयर बाजारों में भी हड़कंप मचा दिया है, जिससे निवेशकों के अरबों डॉलर डूब गए हैं।


















