अंतरराष्ट्रीय

Iran Israel War : ट्रंप के कहने पर इजरायल ने बदला अपना इरादा, ‘हिट लिस्ट’ से हटे बड़े नाम

Iran Israel War : मध्य-पूर्व में जारी भीषण संघर्ष के बीच एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल ने एक विशेष अंतरराष्ट्रीय अनुरोध को स्वीकार करते हुए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ को अपनी ‘हिट लिस्ट’ से अस्थाई रूप से हटा दिया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि इजरायली सेना फिलहाल इन दोनों शीर्ष नेताओं को निशाना नहीं बनाएगी। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब इजरायल लगातार ईरान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व को नेस्तनाबूद करने के अभियान में जुटा हुआ है। इस कदम को कूटनीति के गलियारों में तनाव कम करने की एक बारीक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

अमेरिका के जरिए की गई अपील: बातचीत का रास्ता खुला रखने की कवायद

वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) और अन्य कूटनीतिक सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि पाकिस्तान ने अमेरिका से इन दोनों नेताओं को निशाना न बनाने की पुरजोर अपील की थी। दावा किया जा रहा है कि इजरायल के पास अराघची और गालिबाफ के सटीक ‘कोऑर्डिनेट्स’ मौजूद थे और वह उन पर सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी तैयारी कर चुका था। पाकिस्तान ने अमेरिका को तर्क दिया कि यदि ईरान के ये अनुभवी कूटनीतिज्ञ भी मारे गए, तो भविष्य में शांति वार्ता करने के लिए कोई भी विश्वसनीय चेहरा नहीं बचेगा। इसी मानवीय और रणनीतिक आधार पर अमेरिका ने इजरायल को अपने कदम पीछे खींचने के लिए राजी किया।

स्थाई राहत नहीं, केवल 5 दिनों की मोहलत: ट्रंप का ‘नेगोशिएशन’ प्लान

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इन दोनों नेताओं को टारगेट लिस्ट से स्थायी रूप से नहीं, बल्कि केवल 4 से 5 दिनों के लिए हटाया गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समय ईरान के साथ परमाणु समझौते या युद्धविराम को लेकर फिर से बातचीत शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं। अब्बास अराघची ईरान के सबसे अनुभवी राजनयिक माने जाते हैं और वे परमाणु वार्ता में ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। वहीं, मोहम्मद बागेर गालिबाफ को व्हाइट हाउस में एक ऐसे व्यक्ति के रूप में देखा जाता है जिसके साथ भविष्य में मेज पर बैठकर संवाद किया जा सकता है। यह अल्पकालिक राहत केवल बातचीत की संभावनाओं को टटोलने के लिए दी गई है।

ईरानी नेतृत्व पर इजरायल का काल बनकर टूटना: खामेनेई और लारीजानी का अंत

वर्तमान युद्ध के दौरान इजरायल ने ईरान के सैन्य और राजनीतिक ढांचे को भारी चोट पहुँचाई है। इजरायल पहले ही ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई और सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी जैसे अति-विशिष्ट अधिकारियों को ठिकाने लगा चुका है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इजरायल ने ईरान की लगभग पूरी शीर्ष लीडरशिप को समाप्त कर दिया है। ट्रंप के अनुसार, जब भी ईरान नए नेताओं को चुनता है, इजरायल उन्हें भी निशाना बना लेता है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अब जो नया समूह नेतृत्व संभाल रहा है, उनके प्रति इजरायल का व्यवहार इस बात पर निर्भर करेगा कि वे शांति की ओर कदम बढ़ाते हैं या टकराव की ओर।

क्षेत्रीय शक्तियों की मध्यस्थता: तुर्की, मिस्र और पाकिस्तान की भूमिका

ईरान और इजरायल के बीच सीधे संवाद की कमी को देखते हुए तुर्की, मिस्र और पाकिस्तान जैसे देश ‘बैक-चैनल डिप्लोमेसी’ (अप्रत्यक्ष बातचीत) को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ये देश अमेरिका और ईरान के बीच एक सेतु का काम कर रहे हैं ताकि क्षेत्र को एक पूर्ण परमाणु युद्ध की विभीषिका से बचाया जा सके। अराघची और गालिबाफ को हिट लिस्ट से बाहर रखना इसी अंतरराष्ट्रीय दबाव और कूटनीतिक सौदेबाजी का परिणाम माना जा रहा है। आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि यह मोहलत किसी स्थाई शांति समझौते में बदलती है या फिर इजरायल अपनी लिस्ट को दोबारा अपडेट करेगा।

Read More : Iran Conflict: ईरान युद्ध और पाकिस्तान की मध्यस्थता पर उमर अब्दुल्ला ने तोड़ी चुप्पी, ईंधन संकट की अफवाहों पर क्या कहा?

Thetarget365

Recent Posts

Surguja Jal Jeevan Mission : क्यों जान देने पर उतारू है सरगुजा का ठेकेदार? जानें भ्रष्टाचार का पूरा खेल

Surguja Jal Jeevan Mission : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से प्रशासन को हिला देने वाली…

1 hour ago

Weather Alert : सरगुजा में बिजली गिरने से बच्ची की मौत, रायपुर में आज भी भारी बारिश का अलर्ट

Weather Alert  : छत्तीसगढ़ में इन दिनों मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल…

2 hours ago

This website uses cookies.