Iran Qatar Tension: मध्य पूर्व में जारी क्षेत्रीय संघर्ष शनिवार को बेहद गंभीर और जटिल स्थिति में पहुंच गया। क्षेत्र में एक साथ तीन अलग-अलग मोर्चों पर तनाव बढ़ता दिखाई दिया। ईरान ने कतर पर अपने लापता लड़ाकू विमान चालकों को कथित तौर पर गुप्त हिरासत में रखने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों पर हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। वहीं दक्षिण लेबनान में इजराइली हवाई हमलों ने 20 जून को हुए नाजुक युद्धविराम को भी खतरे में डाल दिया है।


ईरान ने कतर पर लगाया तीन पायलटों को हिरासत में रखने का आरोप
ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ की लापता व्यक्ति समिति ने शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति (ICRC) के अध्यक्ष को पत्र भेजकर कतर के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। तेहरान का दावा है कि 2 मार्च को कतर स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने गए उसके दो Su-24 बमवर्षक विमानों को कतरी वायुसेना ने मार गिराया था। ईरान के मुताबिक, इस अभियान में शामिल तीन पायलट जवाद सालेही, अब्दुलमजीद दश्तीयान और इमरान बहरूजियान जीवित बचे थे।

कतर ने ईरान के आरोपों को बताया गलत
ईरान का आरोप है कि उसके तीनों पायलटों को कतरी सेना ने हिरासत में ले रखा है। तेहरान ने कहा कि उन्हें न तो परिवार के सदस्यों से संपर्क करने दिया जा रहा है और न ही ईरानी राजनयिकों को उनसे मिलने की अनुमति मिल रही है। हालांकि, कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. माजिद अल-अंसारी ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि कतरी खोज और बचाव दल को केवल एक पायलट का शव मिला था।
जांच रिपोर्ट को लेकर भी दोनों देशों में मतभेद
कतर ने दावा किया कि अप्रैल में ही ईरान को मामले की पूरी जांच रिपोर्ट और उपलब्ध सबूतों की जानकारी लेने के लिए आमंत्रित किया गया था। हालांकि, कतर के अनुसार, तेहरान की ओर से इस प्रस्ताव पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। ईरान का दावा है कि इस अभियान में चौथे पायलट माजिद काजमी की मौत हो गई थी। दोनों देशों के अलग-अलग दावों के कारण मामले को लेकर स्थिति और अधिक जटिल हो गई है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर पर हमला
दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल कारोबार के लिए महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य में भी सुरक्षा स्थिति गंभीर होती जा रही है। शुक्रवार देर रात अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) के एक तेल टैंकर को अज्ञात दिशा से निशाना बनाया गया। यूएई की सरकारी मीडिया एजेंसी WAM के मुताबिक, पिछले सात दिनों में ADNOC के जहाजों से जुड़ी यह तीसरी ऐसी घटना है। राहत की बात यह रही कि हमले में किसी चालक दल के सदस्य को चोट नहीं आई।

यूएई ने हमलों पर जताई कड़ी नाराजगी
यूएई सरकार ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उसने ईरान से बिना उकसावे के किए जा रहे हमलों को तत्काल रोकने की मांग की। वहीं, यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने भी खाड़ी क्षेत्र में एक अन्य बल्क कैरियर जहाज के निचले हिस्से पर मिसाइल या प्रोजेक्टाइल से हमला होने की पुष्टि की है।
दक्षिण लेबनान में इजराइली हमलों से बढ़ी चिंता
दक्षिण लेबनान में भी शनिवार को हिंसा ने गंभीर रूप ले लिया। 20 जून को इजराइल और ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के बीच हुए युद्धविराम के बाद इसे सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई बताया जा रहा है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय और राष्ट्रीय समाचार एजेंसी के अनुसार, इजराइली लड़ाकू विमानों ने दो गांवों को निशाना बनाया।
एक ही परिवार के सात लोगों की मौत
एक आवासीय मकान पर हुए हवाई हमले में एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में तीन बच्चे भी शामिल बताए गए हैं। हमले में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके अलावा देइर अल-जहरानी गांव में हुए दूसरे हमले में चार लोगों की मौत और 17 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
कूटनीतिक रास्ता भी फिलहाल बंद
क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच कूटनीतिक प्रयासों को भी बड़ा झटका लगा है। ओमान की मध्यस्थता में चल रही बातचीत और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित राजनयिक संवाद फिलहाल ठप बताया जा रहा है। ऐसे में हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा, ईरान-कतर विवाद और दक्षिण लेबनान में बढ़ती हिंसा ने पूरे मध्य पूर्व में तनाव और गहरा दिया है।
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