Iran US War : पश्चिम एशिया में चल रहा सैन्य टकराव अब एक विनाशकारी पूर्ण-युद्ध (Full-scale War) की श्रेणी में पहुंच चुका है। गुरुवार तड़के, ईरान ने बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर भीषण मिसाइल और ड्रोन हमले किए। यह जवाबी कार्रवाई अमेरिका द्वारा ईरान के विरुद्ध जारी सघन नौसैनिक नाकेबंदी और पिछले 24 घंटों में किए गए तीन दौर के विनाशकारी हवाई हमलों के बाद हुई है। इन हमलों के कारण बहरीन और कुवैत में सायरन की गूंज सुनाई दे रही है और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की हिदायत दी गई है। वहीं, जॉर्डन ने अपनी सीमा में प्रवेश करने वाली तीन ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया है, जिससे स्पष्ट है कि युद्ध की लपटें तेजी से पड़ोसी देशों की ओर फैल रही हैं।

अमेरिकी बमबारी से ईरान को भारी नुकसान, सैनिक हताहत
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के भीतर दर्जनों सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बनाया है। इस बार अमेरिकी सेना ने दिन के उजाले में भी निरंतर बमबारी जारी रखी। ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में स्थित 388वीं मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री ब्रिगेड के बैरक पर 13 मिसाइलें दागी गईं, जिससे टैंक और बख्तरबंद गाड़ियां नष्ट हो गईं और सात ईरानी सैनिकों की मृत्यु हो गई। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले कुछ दिनों के हमलों में 35 से अधिक लोग मारे गए हैं और 300 से अधिक नागरिक गंभीर रूप से घायल हैं। यह सैन्य क्षति ईरान के रक्षा ढांचे पर एक बड़ा प्रहार है।

समुद्री नाकेबंदी का कठोर रूप: तेल टैंकर को बनाया निशाना
अमेरिकी नौसेना ने अपनी समुद्री नाकेबंदी को कड़ाई से लागू करते हुए एक आक्रामक कदम उठाया है। कुराकाओ के झंडे वाले विशाल तेल टैंकर ‘बेलमा’ (Belma) को, जो ईरान के खार्ग द्वीप की ओर बढ़ रहा था, अमेरिकी लड़ाकू विमान ने हेलफायर मिसाइल दागकर पंगु बना दिया। जहाज की चिमनी (स्मोकस्टैक) उड़ने के बाद वह समुद्र के बीच ही ठप हो गया। इसके अलावा, अमेरिकी सेना ने अन्य दो जहाजों को भी खाड़ी क्षेत्र से खदेड़ दिया है। यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूर्ण नियंत्रण की अमेरिकी नीति को दर्शाती है।
कूटनीतिक हलचल और बंधक की रिहाई
इस भीषण तनाव के बीच एक अप्रत्याशित कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि ईरान ने वर्ष 2024 से बंधक बनाई गई अमेरिकी नागरिक डेना करारी को रिहा कर दिया है। इसे ईरान का ‘सद्भावना संकेत’ माना जा रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान अब बातचीत के लिए इच्छुक दिख रहा है, हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि या तो शांति समझौता होगा या फिर अमेरिका इस सैन्य खेल को हमेशा के लिए समाप्त कर देगा।
ईरान का दो टूक रुख: ‘सबके लिए या किसी के लिए नहीं’
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कलिबाफ ने अमेरिका पर शांति समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया और कहा कि वे आत्मसमर्पण नहीं करेंगे। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने धमकी दी है कि यदि नाकेबंदी नहीं हटी, तो वे होर्मुज जलडमरूमध्य को हमेशा के लिए बंद कर देंगे। ईरान ने स्पष्ट किया है कि खाड़ी का तेल या तो दुनिया के सभी देशों तक पहुंचेगा, या फिर किसी के लिए भी नहीं। इस रुख ने कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में भारी उछाल की आशंका पैदा कर दी है, जिससे विश्व अर्थव्यवस्था पर गहरा संकट मंडराने लगा है।
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