Iran US Conflict : मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सीमाओं को पार कर लाल सागर तक जा पहुंचा है। ताजा घटनाक्रम में ईरान ने यमन के हूती विद्रोही गुट को एक कड़ा संदेश दिया है। ईरान ने स्पष्ट कहा है कि यदि अमेरिका उसके ऊर्जा नेटवर्क या बुनियादी ढांचे पर किसी भी प्रकार का हमला करता है, तो हूती गुट को लाल सागर के महत्वपूर्ण ‘बाब अल-मंडेब’ गेटवे को पूरी तरह से बंद करने के लिए तैयार रहना चाहिए। यह जलडमरूमध्य लाल सागर को अदन की खाड़ी और हिंद महासागर से जोड़ता है, जो एशिया और यूरोप के बीच होने वाले वैश्विक व्यापार के लिए एक जीवनरेखा (लाइफलाइन) के समान है। इस मार्ग का बंद होना अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) के लिए विनाशकारी सिद्ध हो सकता है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और आर्थिक चिंताएं
ईरान की इस आक्रामक धमकी का असर तत्काल वैश्विक वित्तीय बाजारों पर दिखाई दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, खबर सामने आते ही कच्चे तेल की कीमतों में 1 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 93 सेंट बढ़कर 85.88 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई, जबकि डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड भी 89 सेंट की बढ़त के साथ 80.49 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। वित्तीय बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बाब अल-मंडेब और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, दोनों ही महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों से तेल की आपूर्ति बाधित होती है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर दबाव पड़ेगा। इसके परिणामस्वरूप, समुद्री जहाजों के बीमा प्रीमियम में भारी वृद्धि होगी, जिसका सीधा असर आम जनता तक पहुंचने वाली वस्तुओं की महंगाई पर पड़ेगा।

हूती नेता का इजरायल और अमेरिका पर तीखा हमला
यमन के हूती नेता सैयद अब्दुल-मलिक अल हूती ने अमेरिका और इजरायल पर दुनिया में अस्थिरता और नफरत फैलाने का गंभीर आरोप लगाया है। हूती नेता ने दावा किया कि अमेरिका और इजरायल अंतरराष्ट्रीय समझौतों और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का सम्मान नहीं करते, बल्कि वे नरसंहार और सभ्यताओं के विनाश की साजिश रचते हैं। साथ ही, उन्होंने सऊदी अरब को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वह मुस्लिम समुदाय को कमजोर करने के लिए अमेरिका, इजरायल और ब्रिटेन का सहयोग कर रहा है। हूती गुट के इन बयानों से स्पष्ट है कि मिडिल ईस्ट की भू-राजनीतिक स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है।
ईरान की अमेरिका को दो टूक: सैन्य हस्तक्षेप का परिणाम भुगतेगा
ईरान ने सीधे तौर पर अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह खाड़ी देशों में ईरान के किसी भी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की गलती न करे। ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता, ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम जोल्फाघरी ने धमकी दी है कि यदि अमेरिका ने ईरान के किसी भी इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाया, तो वे पूरे मिडिल ईस्ट में स्थित अमेरिकी और सहयोगी हितों के बुनियादी ढांचे को तबाह कर देंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका का कोई भी सैन्य हस्तक्षेप ईरान को किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होगा। इन धमकियों ने क्षेत्र में बड़े संघर्ष की आशंकाओं को और अधिक गहरा कर दिया है।
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