Iran-US Crisis
Iran-US Crisis: ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य टकराव की स्थिति गंभीर होती जा रही है। हाल ही में ईरान ने बिना किसी पूर्व सूचना या स्पष्टीकरण के अपने हवाई क्षेत्र (Airspace) को लगातार पांच घंटों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया। इस अचानक आए फैसले के कारण कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द करना पड़ा या उनके मार्ग बदलने पड़े।
हालांकि, अब हवाई क्षेत्र को फिर से खोल दिया गया है, लेकिन इस कदम को संभावित अमेरिकी हमले के खिलाफ ईरान की रक्षात्मक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। यूएस फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने भी इस हलचल को लेकर नोटिस जारी किया था, जिससे वैश्विक विमानन सेवाओं में हड़कंप मच गया।
ईरान में जारी विद्रोह के बीच फांसी की सजा पाए पहले प्रदर्शनकारी इरफान सोल्टानी की जान फिलहाल बच गई है। उनकी चचेरी बहन ने ‘द गार्जियन’ को बताया कि जेल अधिकारियों ने फांसी को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया है। इससे पहले बुधवार को ही उन्हें मृत्युदंड दिया जाना था। हालांकि, यह राहत स्थायी है या नहीं, इस पर संदेह बरकरार है। ईरानी न्यायपालिका के प्रमुख ने अभी भी हिरासत में लिए गए हजारों लोगों के खिलाफ “शीघ्र और कठोर” कार्रवाई की मांग की है, जिससे मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की चिंताएं बढ़ गई हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि ईरान में फिलहाल प्रदर्शनकारियों की हत्याएं और फांसी रोक दी गई हैं। ओवल ऑफिस में दिए एक साक्षात्कार के दौरान ट्रंप ने कहा, “हमें बताया गया है कि उन्होंने फांसी की योजना स्थगित कर दी है, लेकिन हम अभी इंतजार करेंगे और देखेंगे (Wait and Watch)।” जब उनसे सैन्य कार्रवाई के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट इनकार नहीं किया और केवल इतना कहा कि उनका प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है। ट्रंप के इस बयान से साफ है कि यदि ईरान ने फिर से हिंसा शुरू की, तो अमेरिका कड़ा रुख अपना सकता है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने वाशिंगटन को चेतावनी देते हुए जून 2025 के युद्ध का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पिछली बार ईरान के परमाणु ठिकानों को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की थी, लेकिन वह तकनीक और ईरानी जनता के दृढ़ संकल्प को नष्ट नहीं कर सकता। अराघची ने फॉक्स न्यूज से कहा, “मेरा संदेश स्पष्ट है—वही गलती न दोहराएं। आप मशीनों पर बमबारी कर सकते हैं, लेकिन हमारे इरादों पर नहीं।” उन्होंने यह भी दावा किया कि फिलहाल ईरान में किसी को फांसी देने की कोई योजना नहीं है और हिंसा भड़काने के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया।
ईरान में सत्ता परिवर्तन की अटकलों के बीच ट्रंप ने निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी के बारे में अपनी राय रखी। ट्रंप ने कहा कि पहलवी “अच्छे व्यक्ति लगते हैं,” लेकिन वे इस बात को लेकर अनिश्चित हैं कि क्या ईरान की जनता उन्हें स्वीकार करेगी। ट्रंप ने स्वीकार किया कि खामेनेई सरकार गिरने की कगार पर हो सकती है, लेकिन भविष्य का नेतृत्व कौन करेगा, यह पूरी तरह ईरानी नागरिकों के समर्थन पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि यदि ईरानी जनता पहलवी को चुनती है, तो अमेरिका को इससे कोई आपत्ति नहीं होगी।
ईरान में चल रहा यह विद्रोह देश के इतिहास का सबसे रक्त रंजित दौर साबित हो रहा है। मानवाधिकार एजेंसियों के अनुसार, सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक कम से कम 2,615 लोग मारे जा चुके हैं। यह संख्या 1979 की इस्लामी क्रांति के समय हुई हिंसा की याद दिलाती है। इस अशांति की मुख्य वजह ईरान की गिरती अर्थव्यवस्था और रियाल की कमजोरी है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण आम जनता दाने-दाने को मोहताज है, जिसने अब एक बड़े राजनीतिक विद्रोह का रूप ले लिया है।
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