Iran US War : मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी समाचार वेबसाइट Axios की रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM को ईरान के खिलाफ संभावित बड़े सैन्य अभियानों की तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक नए हमले को मंजूरी नहीं दी है और किसी तारीख का भी ऐलान नहीं किया गया है।
ट्रंप की राष्ट्रीय सुरक्षा टीम की कैंप डेविड बैठक
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप की शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ने शुक्रवार को कैंप डेविड में कई घंटे तक बैठक की। इस बैठक में ईरान युद्ध, मध्य पूर्व की सुरक्षा स्थिति और आगे के संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा हुई। बैठक में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे।
सैन्य कार्रवाई फिर शुरू करने पर मंथन
Axios की रिपोर्ट में एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी के हवाले से बताया गया कि बैठक का अहम हिस्सा ईरान में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने की संभावना पर केंद्रित था। अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर लगातार संपर्क बना हुआ है। हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि बैठक के बाद कोई अंतिम सैन्य फैसला लिया गया है।
मिडटर्म चुनाव से पहले बढ़ी चर्चा
रिपोर्ट के अनुसार, संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को नवंबर में होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। Axios ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि हमले की संभावना चुनाव से पहले भी मौजूद है, लेकिन इसके लिए राष्ट्रपति की अंतिम मंजूरी जरूरी होगी। फिलहाल Pentagon की तैयारियां इसी संभावित विकल्प को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही हैं।
परमाणु और ऊर्जा ठिकाने हो सकते हैं निशाने पर
अगर अमेरिका दोबारा बड़े स्तर पर सैन्य अभियान शुरू करता है तो ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े ठिकाने संभावित लक्ष्यों में शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा ऊर्जा और अन्य रणनीतिक बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाए जाने की संभावना रिपोर्ट में बताई गई है। हालांकि, किसी विशिष्ट लक्ष्य या हमले की पुष्टि अमेरिकी सरकार ने आधिकारिक तौर पर नहीं की है।
ईरान की सैन्य क्षमता पर भी नजर
संभावित अभियान में ईरान के सैन्य ढांचे और रणनीतिक क्षमताओं से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। इनमें मिसाइल और अन्य सैन्य प्रतिष्ठान शामिल हो सकते हैं। हालांकि, यह अभी संभावित सैन्य विकल्पों का हिस्सा है और इसे अमेरिका की ओर से घोषित अंतिम ऑपरेशन नहीं माना जा सकता।
हमले का फैसला अभी ट्रंप के हाथ में
Axios के मुताबिक, Pentagon द्वारा तैयारियां पूरी करने का निर्देश मिलने के बावजूद अंतिम निर्णय राष्ट्रपति ट्रंप के हाथ में है। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि अभी हमले की कोई निश्चित तारीख तय नहीं हुई है। इसका मतलब है कि सैन्य तैयारी और राजनीतिक निर्णय फिलहाल अलग-अलग चरणों में चल रहे हैं।
ईरान की प्रतिक्रिया भी बढ़ा सकती है तनाव
अमेरिका की संभावित नई सैन्य कार्रवाई की स्थिति में ईरान की प्रतिक्रिया को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। Reuters की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान अमेरिकी हमले की स्थिति में पहले की तुलना में ज्यादा कड़ा सैन्य जवाब तैयार कर रहा है। इससे संघर्ष का दायरा मध्य पूर्व के दूसरे हिस्सों तक फैलने की आशंका बढ़ सकती है।
तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
अमेरिका और ईरान के बीच बड़े स्तर पर सैन्य टकराव का असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रह सकता। क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार प्रभावित होने की स्थिति में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। इससे महंगाई, ईंधन कीमतों और वैश्विक बाजारों पर भी असर पड़ने की संभावना रहेगी।
दुनिया की नजर ट्रंप के अगले कदम पर
फिलहाल स्थिति का सबसे अहम पहलू यही है कि अमेरिकी सैन्य तैयारी तेज हो गई है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने हमले का अंतिम फैसला नहीं लिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में कूटनीतिक बातचीत और सैन्य तैयारियों दोनों पर नजर रहेगी। यदि बातचीत विफल होती है, तो अमेरिका के अगले कदम से मध्य पूर्व की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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