Iran Israel Conflict : ईरान और उसके विरोधियों के बीच जारी तनाव के बीच राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को कड़ा संदेश दिया है। पेजेशकियान ने कहा कि ईरान से आत्मसमर्पण की मांग करना महज एक सपना है। उनका कहना है कि ईरान ने मौजूदा संघर्ष की शुरुआत नहीं की और जिसने युद्ध शुरू किया है, वही इसे खत्म करेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि सैन्य दबाव के जरिए ईरान को कमजोर करने की कोशिशें अब तक सफल नहीं हुई हैं।

सैन्य दबाव के बावजूद नहीं झुकेगा ईरान
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि देश को लगातार हमलों और दबाव का सामना करना पड़ा है, लेकिन इसके बावजूद ईरान मजबूती के साथ खड़ा है। उन्होंने दावा किया कि विरोधियों की रणनीति का उद्देश्य ईरान को भीतर से कमजोर करना और अस्थिर करना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। पेजेशकियान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका देश किसी दबाव के सामने झुकने वाला नहीं है और न ही किसी से डरने की स्थिति में है।

पेजेशकियान ने युद्ध की शुरुआत को लेकर क्या कहा?
शुक्रवार को ईरानी सरकारी टेलीविजन को दिए इंटरव्यू में पेजेशकियान ने कहा कि ईरान ने मौजूदा युद्ध की शुरुआत नहीं की थी। उनके मुताबिक, संघर्ष शुरू होने से पहले ईरानी सरकार बातचीत और कूटनीतिक माध्यमों से विवाद को सुलझाने का प्रयास कर रही थी। हालांकि, परिस्थितियां धीरे-धीरे बिगड़ती गईं और मामला सैन्य टकराव तक पहुंच गया। उन्होंने कहा कि ईरान की प्राथमिकता पहले भी बातचीत थी और मौजूदा संकट के लिए उसे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
दुश्मनों की रणनीति नाकाम करने का दावा
पेजेशकियान ने कहा कि विरोधियों को उम्मीद थी कि सैन्य हमलों और लगातार दबाव के कारण ईरान के भीतर अस्थिरता पैदा होगी और देश कमजोर होकर बिखर जाएगा। हालांकि, उनके मुताबिक यह अनुमान पूरी तरह गलत साबित हुआ। ईरानी राष्ट्रपति ने दावा किया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद देश की व्यवस्था कायम है और ईरान अपने रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में ईरान पहले से ज्यादा मजबूत होकर उभरेगा।
सुप्रीम लीडर को लेकर पेजेशकियान का बयान
ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई को लेकर भी पेजेशकियान ने अपने इंटरव्यू में बात की। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में खामेनेई से बातचीत करना काफी मुश्किल हो गया है। हालांकि, राष्ट्रपति ने उनकी मौजूदगी को ईरान की बड़ी ताकत बताया। पेजेशकियान का दावा है कि देश के विरोधियों ने ईरान को तेजी से कमजोर करने की योजना बनाई थी, लेकिन वह रणनीति सफल नहीं हुई।

सीरिया जैसी स्थिति बनाने का दावा
पेजेशकियान ने आरोप लगाया कि विरोधियों को उम्मीद थी कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान उसी तरह तेजी से सफल हो जाएगा, जैसा उनके अनुसार सीरिया में हुआ था। उन्होंने दावा किया कि विरोधियों ने कम समय में ईरान को अस्थिर करने की योजना बनाई थी। हालांकि, ईरान ने उनके मंसूबों को विफल कर दिया। राष्ट्रपति के मुताबिक, मौजूदा हालात यह दिखाते हैं कि ईरान को आसानी से कमजोर या अस्थिर करना संभव नहीं है।
मुज्तबा खामेनेई की गैरमौजूदगी पर सवाल
ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं भी चल रही हैं। उनके सार्वजनिक रूप से कम दिखाई देने के कारण उनकी स्थिति और स्वास्थ्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। इजरायल की ओर से भी उनके स्वास्थ्य को लेकर दावे किए गए हैं। हालांकि, ईरानी पक्ष उनकी सार्वजनिक गतिविधियों में कमी के पीछे सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कारणों का हवाला देता रहा है।
तनाव के बीच ईरान का सख्त रुख
पेजेशकियान के बयान से स्पष्ट है कि ईरान फिलहाल अमेरिका और इजरायल के दबाव के सामने झुकने के मूड में नहीं है। उन्होंने आत्मसमर्पण की किसी भी संभावना को खारिज करते हुए देश की मजबूती पर जोर दिया। दूसरी ओर, क्षेत्र में जारी सैन्य और राजनीतिक तनाव के बीच ईरान, अमेरिका और इजरायल के अगले कदमों पर दुनिया की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में कूटनीतिक बातचीत की कोई नई राह निकलती है या टकराव और बढ़ता है, यह महत्वपूर्ण होगा।
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