Iraq Kurdistan Drone Attack: इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में ड्रोन हमले को लेकर ईरान और कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार यानी KRG ने आरोप लगाया है कि ईरान ने प्रधानमंत्री मसरूर बरजानी के निजी कार्यालय और कुर्द खुफिया एजेंसी ‘परास्तीन’ के प्रमुख के आवास को ड्रोन हमलों का निशाना बनाया। हालांकि इस घटना में किसी के घायल या मारे जाने की सूचना नहीं है। फिलहाल किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
मसरूर बरजानी के कार्यालय को बनाया निशाना
कुर्दिस्तान के प्रधानमंत्री मसरूर बरजानी ने कथित हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे बेहद लापरवाह और अस्वीकार्य कार्रवाई करार दिया। बरजानी के अनुसार, यह हमला केवल किसी व्यक्ति या कार्यालय को निशाना बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे हमलों से कुर्दिस्तान अपने नागरिकों की सुरक्षा और जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटेगा।
आतंकवाद रोधी निदेशालय की जांच का हवाला
मसरूर बरजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर घटना को लेकर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि कुर्दिस्तान के आतंकवाद-रोधी निदेशालय की जांच और उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर यह पुष्टि हुई है कि उनके निजी कार्यालय और परास्तीन एजेंसी के प्रमुख के आवास पर ईरानी ड्रोन से हमला किया गया। बरजानी ने इस कार्रवाई को क्षेत्र की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बताया और इसकी निंदा की।
हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं
कथित ड्रोन हमलों के बाद फिलहाल किसी व्यक्ति के मारे जाने या घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। हमले की प्रकृति और उससे हुए नुकसान को लेकर विस्तृत जानकारी भी सामने आना बाकी है। वहीं, इस घटना की जिम्मेदारी अभी तक किसी संगठन या अन्य पक्ष ने स्वीकार नहीं की है। ऐसे में हमले को लेकर कई सवाल बने हुए हैं और जांच के जरिए स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
ईरान ने KRG के आरोपों को किया खारिज
दूसरी ओर ईरान ने कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने एरबिल में बरजानी के कार्यालय पर हुए कथित ड्रोन हमले को लेकर अलग रुख पेश किया। उन्होंने इस घटना को ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच बेहद संदिग्ध घटनाक्रम बताया और कहा कि पूरे मामले की सावधानीपूर्वक जांच होनी चाहिए।
ईरान ने बताया फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन की आशंका
ईरानी प्रवक्ता ने हमले को ‘फॉल्स फ्लैग’ ऑपरेशन होने की संभावना भी जताई। इसका मतलब ऐसी कार्रवाई से है जिसमें हमले की जिम्मेदारी किसी दूसरे पक्ष पर डालने की कोशिश की जाती है। बघाई के अनुसार, इस तरह की कार्रवाई के पीछे राजनीतिक या सैन्य फायदा हासिल करने का उद्देश्य हो सकता है। उन्होंने कहा कि इसलिए घटना के पीछे वास्तविक जिम्मेदार पक्ष का पता लगाने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।
विदेशी ताकतों से जुड़े मॉड्यूल का किया दावा
इस्माइल बघाई ने दावा किया कि इराकी अधिकारियों ने पहले भी कुछ ऐसे कथित आतंकी मॉड्यूल का खुलासा किया है, जिनके तार विदेशी ताकतों से जुड़े बताए गए थे। उनके मुताबिक, ऐसे मॉड्यूल पर फॉल्स फ्लैग हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने के आरोप लगते रहे हैं। ईरानी प्रवक्ता ने मौजूदा घटना की जांच में जल्दबाजी से बचने की अपील की है।
ईरान-इराक संबंधों को कमजोर करने की कोशिश का आरोप
ईरान ने यह भी चेतावनी दी कि दोनों देशों के दुश्मन ईरान और इराक के बीच संबंधों को कमजोर करने की कोशिश कर सकते हैं। बघाई ने कहा कि ऐसी घटनाओं को व्यापक क्षेत्रीय तनाव के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए। उन्होंने सभी पक्षों से तथ्यों की पुष्टि किए बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने का आग्रह किया।
कुर्दिस्तान के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध का दावा
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान कुर्दिस्तान क्षेत्र के साथ अपने मैत्रीपूर्ण संबंधों को बनाए रखने और उन्हें मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। ईरान के इस बयान के बाद अब निगाहें घटना की जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हैं। फिलहाल KRG और ईरान के दावों में स्पष्ट विरोधाभास है, इसलिए आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है।
Read More : Ranchi Student Protest: JSSC CGL रद्द होने के बाद भी आंदोलन जारी, CBI जांच पर अड़े छात्र