Israel Gaza Airstrike: गाजा पट्टी में संघर्ष एक बार फिर भयावह मोड़ ले चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तुत 21-सूत्रीय गाजा शांति योजना और हमास की ओर से उसे स्वीकार किए जाने के बावजूद, इजरायली सेना ने गाजा में ताजा एयर स्ट्राइक कर दी है। इस हमले में अब तक 70 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें 2 महीने से 8 साल की उम्र के 7 मासूम बच्चे भी शामिल हैं।

ट्रंप की अपील के बावजूद जारी है हमला
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका ने इजरायल और हमास के बीच मध्यस्थता करते हुए सीज़फायर की अपील की थी। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट कहा था कि हमास के हथियार डालने और शांति योजना को स्वीकार करने के बाद बमबारी रोक दी जाए। हमास ने ट्रंप की योजना स्वीकार कर ली थी, जिसमें बंधकों की रिहाई, गाजा का पुनर्निर्माण और अस्थायी प्रशासनिक ढांचे का गठन शामिल है।

लेकिन इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि जब तक हमास सभी शर्तों को स्पष्ट रूप से स्वीकार नहीं करता और हर प्रकार के आतंकी ढांचे को खत्म नहीं करता, तब तक सैन्य अभियान जारी रहेगा।
बच्चों की मौत ने बढ़ाई वैश्विक चिंता
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस हमले में मारे गए लोगों में से कई आम नागरिक थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे प्रमुख हैं। 7 बच्चे जिनकी उम्र 2 महीने से 8 साल के बीच थी, वे या तो अपने घरों में थे या विस्थापन शिविरों में। इन मासूमों की मौत ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों को चिंतित कर दिया है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग, रेड क्रॉस और एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसी संस्थाओं ने इस हमले की निंदा करते हुए इजरायल से संयम बरतने की अपील की है। ट्रंप प्रशासन ने भी दोहराया है कि शांति योजना का उद्देश्य गाजा में स्थायी समाधान लाना है, न कि नई हिंसा को जन्म देना।
हमास की प्रतिक्रिया
हमास के प्रवक्ता ने कहा कि “हमने अमेरिका की योजना को शांति के एक मौके के रूप में स्वीकार किया है, लेकिन इजरायली आक्रामकता इस योजना को विफल कर सकती है।” हमास ने यह भी चेतावनी दी कि यदि इजरायल हमले नहीं रोकता, तो वे आत्मरक्षा का अधिकार सुरक्षित रखते हैं।गाजा में हालिया हमला शांति प्रयासों के सामने बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। मासूम बच्चों की मौत ने संघर्ष की क्रूरता को एक बार फिर उजागर किया है। अब यह देखना होगा कि क्या अमेरिका की मध्यस्थता और अंतरराष्ट्रीय दबाव इजरायल को संयम बरतने के लिए बाध्य कर पाएगा या फिर गाजा में मानव संकट और गहराएगा।










