Israel Revenge
Israel Revenge: इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने गाजा पट्टी में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और रणनीतिक सैन्य अभियान को अंजाम देते हुए हमास के आतंकी सेल के प्रमुख, मुहम्मद इस्सम हसन अल-हबील को मार गिराया है। यह कार्रवाई इजरायल के लिए न केवल सैन्य दृष्टि से बल्कि भावनात्मक रूप से भी एक बड़ी जीत मानी जा रही है। अल-हबील वह मुख्य संदिग्ध था, जिसने इजरायली सेना की ऑब्जर्वर कॉर्पोरल नोआ मार्सियानो की अपहरण के बाद बेरहमी से हत्या कर दी थी। यह हमला उस समय किया गया जब हमास ने मौजूदा युद्धविराम का स्पष्ट उल्लंघन किया, जिसके जवाब में इजरायल ने अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया।
इस हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए इजरायली खुफिया एजेंसी ‘शिन बेट’ (ISA) और वायुसेना ने मिलकर काम किया। खुफिया जानकारी के आधार पर 4 फरवरी को गाजा सिटी के शाती शरणार्थी शिविर में एक सटीक हवाई हमला किया गया। अल-हबील लंबे समय से इजरायल की ‘मोस्ट वांटेड’ सूची में था। उसकी लोकेशन ट्रेस करने के लिए इजरायली खुफिया तंत्र ने हफ्तों तक निगरानी की थी। अंततः, जैसे ही वह अपने ठिकाने पर पहुंचा, एक सटीक मिसाइल हमले ने उसे और उसके आतंकी सेल के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया।
इजरायली सैन्य रिकॉर्ड के अनुसार, अल-हबील केवल एक सेल प्रमुख नहीं था, बल्कि 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुए वीभत्स हमले का एक सक्रिय भागीदार भी था। उसने नहल ओज सैन्य चौकी पर हमले का नेतृत्व किया था, जहाँ से 19 वर्षीय सर्विलांस सैनिक नोआ मार्सियानो को अगवा किया गया था। अल-हबील ने न केवल अपहरण की योजना बनाई, बल्कि बंधकों को गाजा के शिफा अस्पताल परिसर में छिपाकर रखने और उन पर अत्याचार करने में भी उसकी मुख्य भूमिका रही थी।
नोआ मार्सियानो की मौत की कहानी रूह कंपा देने वाली है। जाँच में सामने आया कि उसे घायल अवस्था में शिफा अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ अल-हबील की निगरानी में एक डॉक्टर ने कथित तौर पर उसकी नसों में हवा (Air Embolism) इंजेक्ट कर उसकी जान ले ली थी। नोआ उन कई महिलाओं में से एक थीं, जिन्हें हमास ने निशाना बनाया था, लेकिन वह उन अभागों में शामिल रहीं जो जीवित वापस नहीं लौट सकीं। अल-हबील का मारा जाना नोआ के परिवार के लिए ‘आंशिक न्याय’ की तरह है, जिन्होंने महीनों तक अपनी बेटी की वापसी की उम्मीद और फिर उसकी मृत्यु का असहनीय दर्द झेला।
अल-हबील के खिलाफ इस त्वरित कार्रवाई का तात्कालिक कारण हमास द्वारा युद्धविराम का उल्लंघन था। हाल ही में हमास के लड़ाकों ने एक इजरायली रिजर्व अधिकारी पर घात लगाकर हमला किया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस घटना के तुरंत बाद IDF ने अपनी रणनीति बदली और ‘गाजा डिवीजन’ से मिली ताजी खुफिया जानकारी के आधार पर अल-हबील को निशाना बनाया। इजरायल ने साफ कर दिया है कि वह शांति की आड़ में अपने सैनिकों पर हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा।
IDF के प्रवक्ता ने इस ऑपरेशन की सफलता के बाद बयान जारी कर कहा कि 7 अक्टूबर के नरसंहार में शामिल हर अपराधी को उसके अंजाम तक पहुँचाया जाएगा। इजरायल का लक्ष्य हमास के आतंकी बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से समाप्त करना है। नोआ की याद में और उन सभी मासूमों के लिए जिन्होंने हमास की क्रूरता का सामना किया है, न्याय की यह लड़ाई अभी थमी नहीं है। अल-हबील की मौत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि इजरायल अपने दुश्मनों को ढूँढ निकालने और उन्हें खत्म करने की क्षमता रखता है।
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