Jaish-e-Mohammed module: मोहाली पुलिस ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े एक खतरनाक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में जम्मू-कश्मीर के तीन युवकों साहिल बशीर, मुनीश सिंह और एजाज अहमद को गिरफ्तार किया गया है। इस आतंकी मॉड्यूल के तार हाल ही में गायब हुए टैक्सी ड्राइवर अनिल कुमार के अपहरण और हत्या से जुड़े पाए गए हैं।

कैसे हुआ खुलासा?
अनिल कुमार, जो नयागांव का निवासी था, 30 अगस्त की रात चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर सवारी छोड़ने के लिए निकला था, लेकिन इसके बाद उसका कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों ने जब तलाश शुरू की तो पता चला कि उसकी कार कुराली और बहराम टोल प्लाजा से गुजरी थी, लेकिन ड्राइवर की जगह एक अज्ञात व्यक्ति कार चला रहा था। सीसीटीवी फुटेज में कार चालक ने अपना चेहरा काले कपड़े से ढका हुआ था।

गिरफ्तार आरोपी और उनकी आतंकी लिंक
पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी साहिल बशीर पहले से UAPA और Arms Act के तहत वांछित था। उसका भाई एजाज अहमद भी पहले हथियारों के साथ पकड़ा जा चुका है। दोनों जैश-ए-मोहम्मद के ओवरग्राउंड वर्कर हैं। इनके साथ गिरफ्तार हुआ तीसरा आरोपी मुनीश सिंह भी इस नेटवर्क का हिस्सा है।
तीनों ने पूछताछ में अनिल कुमार के अपहरण और हत्या की बात स्वीकार की है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हुई .32 बोर की पिस्तौल भी जब्त कर ली है। अनिल का शव मोहाली से बरामद किया गया, जबकि उसकी कार किसी अन्य जिले से मिली।
घटनाक्रम की टाइमलाइन
शुक्रवार रात 10 बजे: अनिल ने आखिरी बार परिजनों से संपर्क किया। बताया कि यह उसकी दिन की अंतिम बुकिंग है।

11:45 बजे: कार कुराली टोल प्लाजा से गुजरी CCTV में अनजान व्यक्ति ड्राइव करते दिखा।
12:03 बजे: कार अगला टोल पार करती है, फिर 1:02 बजे बहराम टोल प्लाजा पर देखी जाती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस दूरी में आमतौर पर 40-45 मिनट लगते हैं, लेकिन अनिल की कार को 1 घंटे से ज्यादा लगा, जिससे 15 मिनट के अंदर किसी वारदात की आशंका और पुख्ता हुई।
आतंकवाद और कानून व्यवस्था पर सवाल
इस वारदात ने एक बार फिर पंजाब में सक्रिय आतंकी मॉड्यूल्स और ओवरग्राउंड वर्कर्स की मौजूदगी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक निर्दोष टैक्सी ड्राइवर को निशाना बनाकर जैश जैसे आतंकी संगठन न सिर्फ निर्दोष लोगों की जान ले रहे हैं, बल्कि कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती भी बनते जा रहे हैं।
पुलिस की अगली कार्रवाई
मोहाली पुलिस ने सभी आरोपियों से पूछताछ तेज कर दी है और पूरे नेटवर्क को उजागर करने की दिशा में काम कर रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं यह हत्या किसी बड़े आतंकी हमले की तैयारी का हिस्सा तो नहीं थी।
यह घटना न केवल एक टैक्सी ड्राइवर की दर्दनाक हत्या है, बल्कि आतंकी संगठनों की भारत में सक्रियता का भी गंभीर संकेत है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि ऐसे मॉड्यूल्स का समय रहते सफाया किया जा सके।











