Jammu Kashmir Rain : जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में मानसून की भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। रात भर हुई मूसलाधार वर्षा के कारण नदियां उफान पर हैं और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुंछ जिले में हुई इस प्राकृतिक आपदा में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि कई अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों और सार्वजनिक स्थलों में घुस जाने से जनजीवन पूरी तरह से ठप हो गया है। प्रशासन की टीमें बचाव और राहत कार्यों में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण अभियान में मुश्किलें आ रही हैं।

जिला प्रशासन की चेतावनी और एहतियाती कदम
राजौरी जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अनावश्यक यात्रा से बचें और नदियों, नालों या बाढ़ के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों के करीब न जाएं। विशेष रूप से नदी के तटों पर रहने वाले परिवारों को ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है क्योंकि जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। खराब मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए पहले ही प्रसिद्ध अमरनाथ यात्रा को पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों से 19 जुलाई 2026 से अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। इसके साथ ही, माता वैष्णो देवी यात्रा को भी सुरक्षा के मद्देनजर स्थगित कर दिया गया है। जम्मू स्थित भगवती नगर यात्री निवास का दृश्य भी स्थिति की भयावहता को बयां कर रहा है।

बाढ़ की चपेट में आकर सैकड़ों वाहन तबाह
बाढ़ का सबसे विकराल रूप राजौरी के न्यू बस स्टैंड बेला इलाके में देखने को मिला, जहाँ धरहल नदी का पानी ओवरफ्लो होकर पार्किंग क्षेत्र में घुस गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बाढ़ इतनी अचानक आई कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। एक स्थानीय निवासी ने भावुक होते हुए बताया कि तड़के करीब 3 बजे आई इस बाढ़ में 200 से 300 गाड़ियां पानी के तेज बहाव में बह गईं। बस स्टैंड का नामो-निशान मिट गया है। पीड़ितों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि मलबे में दबी गाड़ियों को निकालने के लिए तत्काल जेसीबी और क्रेन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए ताकि कम से कम उनका कुछ नुकसान कम हो सके।
स्थानीय लोगों का दर्द और मदद की पुकार
आपदा का दंश झेल रहे स्थानीय लोग पूरी तरह टूट चुके हैं। एक पीड़िता ने रोते हुए कहा कि बाढ़ ने उनका सब कुछ छीन लिया है। लोग अपनी आंखों के सामने अपनी संपत्ति और गाड़ियों को बहते देख असहाय महसूस कर रहे हैं। राहत कार्यों की धीमी गति और भारी तबाही के कारण लोगों में प्रशासन के प्रति काफी आक्रोश और निराशा है। हालांकि, अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने और लापता लोगों की तलाश के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। भारी बारिश के चलते राहत सामग्री पहुंचाना और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
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