छत्तीसगढ़

Janmashtami 2025 : छत्तीसगढ़ में जन्माष्टमी का उल्लास, मंदिरों में भक्ति और आयोजनों की धूम

Janmashtami 2025 : छत्तीसगढ़ में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम है और राजधानी रायपुर का टाटीबंध स्थित इस्कॉन टेंपल भक्ति और उल्लास से सराबोर है। मंदिर में विशेष जन्माष्टमी महोत्सव आयोजित किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। मंदिर को सुंदर रोशनी और सजावट से सजाया गया है और रात्रि में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा।

जैतूसाव मठ में 1100 किलो मालपुआ का भोग

शहर के जैतूसाव मठ में भी जन्माष्टमी पर विशेष आयोजन हो रहे हैं। यहां भगवान श्रीकृष्ण को 1100 किलो मालपुआ का भोग लगाया जाएगा। मठ में भजन संध्या, जन्म आरती और राजभोग के साथ पूरे वातावरण को भक्ति रस से सराबोर कर दिया गया है। श्रद्धालु यहां भारी संख्या में दर्शन करने पहुंच रहे हैं।

समता कॉलोनी में दुग्धाभिषेक से हुआ दिन का शुभारंभ

समता कॉलोनी स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर में सुबह दुग्धाभिषेक के साथ पूजा-अनुष्ठान की शुरुआत हुई। मंदिर परिसर में दिन भर धार्मिक गतिविधियाँ जारी हैं और श्रद्धालु पूजा-अर्चना में लगे हुए हैं। यहां भक्तों ने शांतिपूर्ण वातावरण में भगवान राधाकृष्ण के दर्शन किए और भक्ति संगीत का आनंद लिया।

सिटी कोतवाली में श्रीकृष्ण जन्म का विशेष आयोजन

रायपुर के सिटी कोतवाली थाने में भी जन्माष्टमी का अनूठा आयोजन किया गया है। परंपरा के अनुसार, कारागार में श्रीकृष्ण का जन्म होगा, जिसके बाद वासुदेव उन्हें टोकरी में रखकर बाहर लाएंगे। श्रीकृष्ण को लेकर वासुदेव सदर बाजार के गोपाल मंदिर जाएंगे, जहां जयकारों के बीच उनका भव्य स्वागत किया जाएगा।

प्रदेश के अन्य शहरों में भी मना उल्लास

रायपुर के अलावा सरगुजा, बिलासपुर और रायगढ़ जैसे शहरों में भी जन्माष्टमी का उत्सव पूरे जोश के साथ मनाया जा रहा है। सरगुजा में भक्त हरिनाम संकीर्तन करते हुए “हरे कृष्ण-हरे राम” के महामंत्र में लीन हैं। सभी प्रमुख मंदिरों में आकर्षक सजावट की गई है और भक्त भक्ति गीतों पर झूमते नजर आ रहे हैं।

मटकी फोड़ प्रतियोगिताओं में युवाओं की भागीदारी

प्रदेश के कई हिस्सों में मटकी फोड़ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया है, जिसमें युवाओं और बच्चों ने उत्साह से भाग लिया। दही हांडी की यह परंपरा श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की याद दिलाती है, और इसे देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी।

ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था, वैकल्पिक मार्ग सुझाए गए

जन्माष्टमी के मौके पर इस्कॉन मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है। रात 8 बजे से 12 बजे तक टाटीबंद ब्रिज से कुम्हारी पुल तक वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। रायपुर से दुर्ग जाने वाले यात्री अमलेश्वर और मोतीपुर होकर यात्रा कर सकते हैं, ताकि उन्हें किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।

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