Jantar Mantar Protest: नई दिल्ली के जंतर मंतर पर बुधवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और समर्थक जुटे। सुबह से ही जनपथ चौराहे से जंतर मंतर तक का पूरा इलाका प्रदर्शनकारियों की आवाजाही से भरा रहा। हाथों में रचनात्मक पोस्टर, बैनर और विभिन्न संदेशों वाले तख्तियां लिए युवा लगातार नारेबाजी करते नजर आए। प्रदर्शन स्थल की ओर बढ़ते लोगों के बीच उत्साह साफ दिखाई दे रहा था। सड़क के दोनों ओर कई स्वयंसेवक प्रदर्शनकारियों का स्वागत करते हुए उन्हें चाय, पानी, समोसे, पराठे, बिरयानी, कोल्ड ड्रिंक, चिप्स और अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध करा रहे थे, जिससे धरने में शामिल लोगों को किसी तरह की असुविधा न हो।

जंतर मंतर के प्रवेश द्वार पर लगी लंबी कतारें
धरना स्थल के मुख्य प्रवेश द्वार पर सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं। बारिश के बाद बढ़ी उमस के बावजूद प्रदर्शनकारियों का उत्साह कम नहीं हुआ। बैरिकेड्स के पास तैनात स्वयंसेवक लगातार लोगों की सहायता करते रहे और हाथ से पंखा झलकर उन्हें राहत पहुंचाते दिखाई दिए। आगरा से आए एक स्वयंसेवक निखिल ने बताया कि वह ग्रेजुएशन का छात्र है और आंदोलन में अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करने आया है। उन्होंने कहा कि भले ही वह मंच से भाषण न दे सके, लेकिन प्रदर्शनकारियों की सेवा करना भी आंदोलन में योगदान देने का एक तरीका है।

प्रदर्शनकारियों ने जताई भविष्य की रणनीति जानने की उत्सुकता
धरना स्थल के भीतर अलग-अलग समूहों में छात्र और युवा लगातार नारे लगा रहे थे। कई प्रदर्शनकारी अपने हाथों में पोस्टर लिए सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे थे। एक छात्र श्रेयस चौधरी ने कहा कि वह एक विश्वविद्यालय का छात्र है और छात्रों के साथ हुई कार्रवाई से नाराज है। वहीं हरियाणा से आए प्रदर्शनकारी निशांत कुमार ने बताया कि वह 20 जुलाई से धरना स्थल पर मौजूद हैं। उनके अनुसार, भोजन और रहने की व्यवस्था ठीक है, लेकिन अब सभी को आंदोलन की अगली रणनीति का इंतजार है। उनका कहना था कि प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हैं, लेकिन आगे की दिशा को लेकर स्पष्टता का इंतजार किया जा रहा है।
दोपहर तक पूरी तरह भर गया धरना स्थल
बुधवार सुबह हल्की बारिश के बावजूद लोगों का आना लगातार जारी रहा। दोपहर तक प्रदर्शनकारियों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई और करीब दो बजे तक जंतर मंतर का धरना स्थल पूरी तरह भर गया। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स और पेड़ों पर चढ़कर नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने कई बार सार्वजनिक घोषणा कर लोगों से बैरिकेड्स और पेड़ों पर न चढ़ने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि ऐसा करने से दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है और प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।
जंतर मंतर और संसद मार्ग पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। बुधवार सुबह सेंट्रल रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने स्वयं मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी भी की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, केवल जंतर मंतर क्षेत्र में ही 500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। इसके अलावा रैपिड एक्शन फोर्स के जवान भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए थे। संसद मार्ग और आसपास के पूरे इलाके में करीब 1,000 सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। संवेदनशील स्थानों पर आंसू गैस छोड़ने वाले वाहन और अतिरिक्त सुरक्षा बल भी मौजूद रहे।
CJP संस्थापक ने आंदोलन जारी रखने का किया ऐलान
प्रदर्शन के दौरान CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने मंच से प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई का प्रदर्शन केवल शुरुआत थी और यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो भविष्य में इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं और महात्मा गांधी के बताए अहिंसा के मार्ग पर चल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता।
शाम को बढ़ा तनाव, इंटरनेट बाधित होने के बाद हंगामा
बुधवार देर शाम प्रदर्शन स्थल पर तनाव की स्थिति बन गई। जानकारी के अनुसार, इलाके में इंटरनेट सेवा बाधित होने के बाद कुछ प्रदर्शनकारियों ने नाराजगी जताई। इसी दौरान कथित तौर पर पथराव की घटनाएं सामने आने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने तुरंत मोर्चा संभाला और भीड़ को शांत करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन बनाए रखने की अपील
प्रशासन और पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील करते रहे। सुरक्षा एजेंसियों ने कहा कि सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। वहीं प्रदर्शन में शामिल कई लोगों ने भी कहा कि उनका उद्देश्य अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाना है। जंतर मंतर पर जारी यह प्रदर्शन राजधानी में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है और आगे की रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
Read More : Weather Today 23 जुलाई: अगले 8 घंटे भारी, 12 राज्यों में बारिश-आंधी और तेज हवाओं का IMD अलर्ट












