Japan Earthquake : जापान में रविवार की सुबह भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, उत्तर-पूर्वी जापान के इवाते प्रीफेक्चर के तट पर सुबह 7:25 बजे 6.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसका केंद्र जमीन से लगभग 40 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। इस भूकंप का असर आओमोरी प्रीफेक्चर और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी देखा गया। गनीमत यह रही कि इस घटना के बाद सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई और फिलहाल किसी भी तरह के बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है। हालांकि, टाइफून के मौसम के बीच लगातार आ रहे भूकंपों ने मडस्लाइड (भूस्खलन) की आशंका को बढ़ा दिया है, जिससे स्थानीय प्रशासन सतर्क है।

जापान में भूकंपों का सिलसिला और बढ़ती आपदाएं
जापान भौगोलिक रूप से ऐसी जगह स्थित है जहाँ भूकंप और सुनामी का खतरा हमेशा बना रहता है। बीते कुछ दिनों में यहाँ लगातार झटके महसूस किए गए हैं। इससे पहले गुरुवार को 7.2 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसकी तीव्रता पहले कम आंकी गई थी, लेकिन बाद में इसे संशोधित किया गया। इसके अलावा, शुक्रवार को माउंट फ़ूजी के पास स्थित यामानाशी प्रांत में 5.6 तीव्रता के झटके महसूस किए गए। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में भी इस क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियां जारी रह सकती हैं, जिससे लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

वेनेजुएला में भीषण तबाही, वैश्विक स्तर पर भूकंपीय सक्रियता
दुनिया के अन्य हिस्सों में भी भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। वेनेजुएला में हाल ही में आए दो विनाशकारी भूकंपों ने बड़े पैमाने पर जन-धन का नुकसान किया है। रिपोर्ट के अनुसार, वहां मरने वालों की संख्या 920 को पार कर गई है और 3,360 से अधिक लोगों के घायल होने की आशंका है। पिछले एक सप्ताह में दुनिया भर में कई बड़े भूकंप दर्ज किए गए हैं, जिनमें फिलीपींस, निकारागुआ, सोलोमन आइलैंड्स और पाकिस्तान के बड़खान क्षेत्र शामिल हैं। यह वैश्विक भूकंपीय गतिविधि वैज्ञानिकों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है।
कश्मीर से दिल्ली तक कांपी धरती
शनिवार की शाम भारत में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसका असर जम्मू-कश्मीर से लेकर दिल्ली तक रहा। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, शनिवार शाम 7:04 बजे आए इस भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में था और इसकी तीव्रता 6.2 मापी गई। दिल्ली-एनसीआर में झटके महसूस होने के बाद लोग दहशत में आ गए और अपने घरों से बाहर निकल आए। इन लगातार आ रहे भूकंपों ने पूरे उत्तर भारत में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है।











