Jashpur Fire : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से एक बेहद दुखद और विचलित करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के पत्थलगांव नगर में स्थित मुख्य सब्जी मार्केट में बीती रात अचानक भीषण आग लग गई। इस अचानक भड़की आग ने पूरे व्यापारिक इलाके में हड़कंप मचा दिया। देखते ही देखते आग की लपटें इतनी तेज हो गईं कि दूर-दूर से आसमान में धुआं और रोशनी दिखाई देने लगी। इस भीषण अग्निकांड के कारण सब्जी मंडी का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से तबाह हो गया है, जिससे स्थानीय व्यापारियों में भारी निराशा और चिंता का माहौल देखा जा रहा है।
आधा दर्जन से अधिक झोपड़ीनुमा दुकानें जमींदोज
चश्मदीदों और स्थानीय प्रशासन से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस भयानक आग की चपेट में आने से आधा दर्जन से भी अधिक झोपड़ीनुमा दुकानें पूरी तरह से जलकर राख की ढेरी में तब्दील हो गईं। इन कच्ची दुकानों में रखी ताजी सब्जियां, आलू-प्याज के बोरे, बिक्री के लिए रखा गया अन्य फुटकर सामान और दुकानों का बुनियादी ढांचा पूरी तरह नष्ट हो गया। दुकानदारों के पास अपनी आंखों के सामने अपनी रोजी-रोटी को खाक होते देखने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा था।
रात का सन्नाटा और देर से मिली आग की सूचना
बताया जा रहा है कि सब्जी मंडी के इस घने क्षेत्र में आग लगने की वजह अभी तक पूरी तरह से अज्ञात है। रात के समय जब यह हादसा हुआ, तब अधिकांश दुकानें पूरी तरह से बंद हो चुकी थीं और सभी व्यापारी अपने-अपने घरों को लौट चुके थे। इसी सन्नाटे के कारण शुरुआत में आग लगने की भनक किसी को नहीं लगी। जब तक लपटें विकराल हुईं और धुएं का गुबार उठा, तब तक काफी देर हो चुकी थी। सूचना देर से मिलने के कारण ही नुकसान का ग्राफ इतना बड़ा हो गया।
स्थानीय नागरिकों और दमकल विभाग ने दिखाई मुस्तैदी
सब्जी मंडी से उठती आग की गगनचुंबी लपटों को देखकर आस-पास के स्थानीय लोग और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर पानी और रेत के सहारे आग पर काबू पाने का प्राथमिक प्रयास शुरू किया। इसके साथ ही बिना वक्त गंवाए तुरंत फायर ब्रिगेड (दमकल विभाग) को इस आपातकाल की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियाँ सायरन बजाती हुई मौके पर पहुँचीं। दमकलकर्मियों ने स्थानीय युवाओं की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार आग की लपटों को शांत किया। अगर समय रहते पानी की बौछारें नहीं मारी जातीं, तो यह आग पास के रिहायशी इलाकों और पक्के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी अपनी चपेट में ले लेती।
कोई जनहानि नहीं, लेकिन व्यापारियों को लगा लाखों का फटका
राहत की बात यह रही कि यह हादसा देर रात को घटित हुआ, जब दुकानों के भीतर या आस-पास कोई भी इंसान मौजूद नहीं था। इसी वजह से इस पूरे अग्निकांड में किसी भी प्रकार की जनहानि या किसी व्यक्ति के हताहत होने की कोई अप्रिय खबर सामने नहीं आई है। हालांकि, आर्थिक मोर्चे पर गरीब दुकानदारों की कमर टूट गई है। कई छोटे और मध्यम वर्गीय दुकानदारों का लाखों रुपये का माल और उनकी जमा-पूंजी इस आग में जलकर पूरी तरह स्वाहा हो गई है।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, पुलिस जांच में जुटी स्थानीय टीम
हादसे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने तुरंत स्थिति को अपने नियंत्रण में लिया और मामले की सघन जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर यह आशंका जताई जा रही है कि आग शायद किसी बिजली के खंभे या दुकान में हुए शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी होगी, लेकिन पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इसके पीछे कोई और मानवीय लापरवाही या साजिश तो नहीं है, इसकी सटीक पुष्टि पूरी तकनीकी जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी। घटना के अगले दिन यानी बुधवार की सुबह भारी संख्या में स्थानीय लोग और पीड़ित व्यापारी सब्जी मंडी पहुंचे और अपनी बर्बाद हो चुकी दुकानों का जायजा लिया।
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