IND A vs AFG A : भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी इन दिनों लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। पिछले मैच में श्रीलंकाई खिलाड़ियों के साथ हुई तीखी बहस और मैदान पर उपजे विवाद के बाद, वे ट्राई सीरीज के अपने अगले बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले में खेलने उतरे थे। इस मैच में फैंस और क्रिकेट समीक्षकों की नजरें पूरी तरह से वैभव के प्रदर्शन पर टिकी हुई थीं। लेकिन मैच की शुरुआत में ही कुछ ऐसा हुआ कि वैभव सूर्यवंशी का खेल शून्य (जीरो) के स्कोर पर ही खत्म माना जा रहा था, पर किस्मत ने उनका भरपूर साथ दिया।
अंपायर ने दिया आउट, पर थर्ड अंपायर ने पलटा फैसला
मुकाबले के दौरान मैदान पर एक ऐसा नाटकीय मोड़ आया जिसने हर किसी की सांसें थाम दी थीं। फील्ड अंपायर ने वैभव सूर्यवंशी को आउट करार दे दिया था और विरोधी टीम जश्न मनाने लगी थी। लेकिन मैदानी अंपायर के इस फैसले को चुनौती दी गई और मामला थर्ड अंपायर के पास पहुँचा। थर्ड अंपायर ने बेहद बारीकी से कैच के वीडियो फुटेज का एनालिसिस (विश्लेषण) किया। काफी देर तक अलग-अलग रीप्ले और एंगल से देखने के बाद वीडियो अंपायर ने पाया कि कैच पूरी तरह साफ नहीं था, जिसके बाद उन्होंने मैदानी अंपायर के फैसले को पूरी तरह नकार दिया।
जीरो के स्कोर पर आउट होने से बाल-बाल बचे वैभव
थर्ड अंपायर के इस तकनीकी फैसले का नतीजा यह हुआ कि वैभव सूर्यवंशी जीरो पर आउट होने से बाल-बाल बच गए। हालांकि, इस बेहद कड़े मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को मिला यह इकलौता जीवनदान नहीं था। किस्मत उन पर इस कदर मेहरबान थी कि इसके तुरंत बाद मैदान पर एक बार फिर उनका एक बेहद आसान सा कैच ड्रॉप (छूट) हो गया। मात्र 8 गेंदों के भीतर मिले इन दो बड़े जीवनदानों का वैभव ने भरपूर फायदा उठाया और उन्होंने अफगानिस्तान ‘ए’ के गेंदबाजों के खिलाफ ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 38 रनों की एक महत्वपूर्ण पारी खेल डाली।
जानिए कैसे मिला वैभव सूर्यवंशी को मैच का पहला जीवनदान
दांबुला के मैदान पर अफगानिस्तान ‘ए’ के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में इंडिया ‘ए’ की तरफ से ओपनिंग करने उतरे वैभव सूर्यवंशी को पहला जीवनदान अपनी पारी की चौथी ही गेंद पर मिल गया था। इस समय वैभव का खाता भी नहीं खुला था। हुआ यह कि भारतीय पारी के दूसरे ओवर में अफगानिस्तान के गेंदबाज शम्स उर रहमान की गेंद पर वैभव ने एक बड़ा शॉट खेलने का प्रयास किया। गेंद हवा में गई और वहाँ मौजूद अफगान फील्डर ने डाइव लगाते हुए एक बेहद शानदार कैच लपकने का दावा किया। पहली नजर में तो वैभव पूरी तरह आउट लग रहे थे, लेकिन जब थर्ड अंपायर ने हर एंगल से रिप्ले देखा, तो पाया कि गेंद फील्डर के हाथों में पूरी तरह नियंत्रित होने से पहले ही जमीन को छू चुकी थी। इसी वजह से अंपायर ने नॉट आउट का फैसला सुनाया।
पारी की 11वीं गेंद पर विरोधी टीम ने छोड़ा दूसरा कैच
वैभव सूर्यवंशी को मैच का दूसरा जीवनदान तब मिला जब वे 7 रन के अपने निजी स्कोर पर बल्लेबाजी कर रहे थे। यह उनकी पारी की 11वीं गेंद थी। इस बार भी वैभव ने एक बड़ा हवाई शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले के बीचों-बीच नहीं आई और मिसटाइम हो गई। इसके कारण गेंद हवा में काफी ऊपर उठ गई। हालांकि, इस बार भी किस्मत ने भारतीय बल्लेबाज का साथ दिया और अफगान फील्डर इस आसान से दिख रहे कैच को हाथों में लपकने में पूरी तरह नाकाम रहे।
दो जीवनदान मिलने के बाद भी बड़ी पारी खेलने में चूके वैभव
लगातार दो जीवनदान मिलने के बाद स्टेडियम में मौजूद भारतीय फैंस की उम्मीदें वैभव सूर्यवंशी से काफी ज्यादा बढ़ गई थीं। जब उन्होंने इसके बाद कुछ बेहतरीन और कड़क शॉट लगाए, तो लगा कि वे आज एक बड़ा शतक या अर्धशतक जमाएंगे। मगर अच्छी शुरुआत मिलने के बाद भी वैभव एक बार फिर लंबी पारी खेलने में चूक गए। उन्होंने अफगानिस्तान ‘ए’ के खिलाफ 27 गेंदों का सामना करते हुए कुल 38 रनों की पारी खेली, जिसमें 4 शानदार चौके और 2 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे।
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