Jharkhand Student Protest: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ युवाओं का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। राजधानी रांची में पिछले करीब 20 दिनों से अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। अब यह आंदोलन पुलिस कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया के दौर में पहुंच गया है। विधानसभा घेराव की कोशिश के मामले में पुलिस ने करीब 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

विधानसभा घेराव के बाद दर्ज हुई FIR
पुलिस के मुताबिक, 10 अगस्त को प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने झारखंड विधानसभा की ओर मार्च किया था। भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और धांधली के खिलाफ निकाला गया यह मार्च शुरुआत में शांतिपूर्ण बताया गया, लेकिन बाद में स्थिति बिगड़ गई। पुलिस ने इस घटना को लेकर विधानसभा थाना में मामला दर्ज किया है। प्राथमिकी में करीब 300 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।

भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी का आरोप
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का आरोप है कि राज्य में आयोजित विभिन्न प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। युवाओं का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। लंबे समय से चल रहे आंदोलन के दौरान अभ्यर्थी सरकार से अपने भविष्य को लेकर स्पष्ट कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
शांतिपूर्ण मार्च के बाद बिगड़ा माहौल
अभ्यर्थियों ने 10 अगस्त को अपनी मांगों को लेकर विधानसभा की ओर मार्च शुरू किया था। प्रदर्शनकारियों का उद्देश्य अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाना था। हालांकि, पुलिस के अनुसार आगे चलकर प्रदर्शन का माहौल बदल गया और कुछ लोगों ने नियमों का उल्लंघन किया। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हुई और मामला नियंत्रण से बाहर होने लगा।
पुलिस ने लगाए गंभीर आरोप
रांची पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शनकारियों पर निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर मारपीट या हमला करने की घटनाएं हुईं। इन आरोपों को आधार बनाकर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।

धारा 163 के उल्लंघन का मामला
रांची के एसपी पारस राणा के मुताबिक, 10 अगस्त की घटना को लेकर विधानसभा थाना में केस दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि शांतिपूर्ण मार्च को बाधित करने और निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने के कारण कार्रवाई की गई। प्रदर्शन के दौरान लागू भारतीय नागरिक सुरक्षा व्यवस्था के तहत निषेधाज्ञा संबंधी निर्देशों का पालन नहीं किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।
वीडियो और CCTV फुटेज से पहचान
हटिया के एसडीपीओ नीरज कुमार ने बताया कि पुलिस अब घटना के दौरान बनाए गए वीडियो और CCTV फुटेज की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, फुटेज के आधार पर उन लोगों की पहचान की जा रही है, जिन्होंने कथित तौर पर भीड़ का फायदा उठाकर स्थिति खराब करने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि पहचान होने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आंदोलन के बीच बढ़ी प्रशासनिक चुनौती
प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू हुआ युवाओं का आंदोलन अब लगातार बड़ा रूप ले रहा है। छात्र और अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर रांची की सड़कों पर डटे हुए हैं। उनका कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता उनके भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। वहीं प्रशासन के सामने आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है।
FIR के बाद राजनीतिक हलचल तेज
करीब 300 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब यह मुद्दा राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने और कथित उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है, तो दूसरी ओर अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और कथित धांधली की जांच की मांग पर कायम हैं।
युवाओं की मांगों पर टिकी नजर
फिलहाल रांची में चल रहे आंदोलन और पुलिस कार्रवाई दोनों पर नजर बनी हुई है। पुलिस CCTV और वीडियो फुटेज के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने के संकेत दे रहे हैं। आने वाले दिनों में सरकार और अभ्यर्थियों के बीच बातचीत होती है या आंदोलन और तेज होता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
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