Jodhpur School Protest: राजस्थान के जोधपुर जिले के मंगल नगर स्थित ग्राम पंचायत बालाजी नगर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अरणी नाड़ी में शिक्षकों की कमी को लेकर छात्रों, अभिभावकों और ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। लंबे समय से विभिन्न विषयों के शिक्षक पद रिक्त होने के कारण विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसी समस्या से नाराज ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में छात्र भी धरने पर बैठ गए और शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

वरिष्ठ कक्षाओं की पढ़ाई पर सबसे ज्यादा असर
ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय में प्रथम श्रेणी के कई शिक्षकों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। इसका सबसे अधिक प्रभाव 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। विशेष रूप से कला संकाय के छात्रों को नियमित पढ़ाई नहीं मिल पा रही है। विद्यालय में 11वीं और 12वीं के करीब 30 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए संबंधित विषयों का एक भी शिक्षक उपलब्ध नहीं है। इससे छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है और आगामी परीक्षाओं की तैयारी भी प्रभावित हो रही है।

प्राथमिक कक्षाओं में भी शिक्षकों की कमी
समस्या केवल उच्च माध्यमिक कक्षाओं तक सीमित नहीं है। विद्यालय की निचली कक्षाओं में भी शिक्षकों की कमी बनी हुई है। कक्षा-2 में गणित विषय के शिक्षक का पद काफी समय से रिक्त है, जिससे छोटे बच्चों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावकों का कहना है कि गणित जैसे महत्वपूर्ण विषय के शिक्षक नहीं होने से बच्चों की बुनियादी शिक्षा कमजोर हो रही है। उनका मानना है कि यदि जल्द नियुक्तियां नहीं हुईं तो इसका असर विद्यार्थियों के भविष्य पर लंबे समय तक दिखाई देगा।
ग्रामीणों ने स्कूल गेट पर लगाया ताला
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर ग्रामीणों और छात्रों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर शांतिपूर्ण धरना शुरू किया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा विभाग से मांग की कि विद्यालय में खाली पड़े सभी शिक्षक पदों पर जल्द नियुक्तियां की जाएं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों और शिक्षा विभाग के समक्ष अपनी समस्या रखी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार अनदेखी के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
तेज धूप में धरना, छात्रों के लिए लगवाया गया टेंट
धरना प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र और ग्रामीण स्कूल परिसर के बाहर मौजूद रहे। तेज धूप और गर्म मौसम के कारण प्रदर्शन में शामिल छात्रों को परेशानी होने लगी। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना स्थल पर टेंट की व्यवस्था कराई, ताकि छात्र धूप से बच सकें और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जारी रख सकें। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल विद्यालय में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित कराना है, ताकि बच्चों की पढ़ाई सामान्य रूप से चल सके।

सड़क जाम की चेतावनी, जल्द समाधान की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही रिक्त पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगला कदम सड़क जाम करने का होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और शिक्षा विभाग की होगी। उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक विद्यालय में सभी आवश्यक विषयों के शिक्षक नियुक्त नहीं किए जाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अभिभावकों का मानना है कि बच्चों की शिक्षा से समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता और सरकार को इस समस्या का तत्काल समाधान करना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
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