Kedarnath Landslide : उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ पैदल मार्ग पर रविवार शाम दर्दनाक हादसा हो गया। चीरबासा क्षेत्र के पास पहाड़ी से अचानक बड़े-बड़े पत्थर गिरने लगे। इसी दौरान एक पांच वर्षीय बच्चा इसकी चपेट में आ गया। हादसा इतना गंभीर था कि बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पैदल मार्ग पर मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
शाम 4:39 बजे पुलिस को मिली लैंडस्लाइड की सूचना
पुलिस कंट्रोल रूम को रविवार शाम करीब 4:39 बजे चीरबासा क्षेत्र में लैंडस्लाइड और पहाड़ी से पत्थर गिरने की सूचना मिली। जानकारी मिलते ही पुलिस, आपदा प्रबंधन और रेस्क्यू टीमें सक्रिय हो गईं। मौके पर पहुंचकर टीमों ने प्रभावित इलाके का जायजा लिया और वहां फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकालने का अभियान शुरू किया।
एटा के पांच वर्षीय यश की हुई मौत
पुलिस के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले बच्चे की पहचान पांच वर्षीय यश के रूप में हुई है। यश रोहताश यादव का पुत्र था और एटा का रहने वाला बताया गया है। अचानक पहाड़ी से गिरे भारी पत्थरों की चपेट में आने के कारण उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद बच्चे के परिवार और अन्य यात्रियों के बीच मातम का माहौल बन गया।
पालकी से जंगलचट्टी पहुंचाया गया शव
हादसे के बाद रेस्क्यू टीमों ने बच्चे के शव को वहां से निकालने की कार्रवाई की। शव को पालकी के माध्यम से जंगलचट्टी स्थित एमआरपी भैरव मंदिर तक पहुंचाया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था और रास्ते की स्थिति को देखते हुए बचाव दलों ने सावधानी के साथ अभियान चलाया।
मलबा गिरने से पैदल मार्ग का हिस्सा हुआ बंद
चीरबासा क्षेत्र में हादसे के बाद भी पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने का सिलसिला जारी रहा। लगातार मलबा आने के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग का एक हिस्सा बंद हो गया। मार्ग बाधित होने से वहां मौजूद यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया।
करीब 1100 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया
जिला आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, रेस्क्यू टीमों ने अब तक करीब 1100 यात्रियों को प्रभावित क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है। वहीं, मार्ग पर मौजूद अन्य यात्रियों को भी सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया जारी है। बचाव अभियान के दौरान टीमें लगातार परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं।
यात्रियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू टीमें आपसी समन्वय के साथ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रही हैं। यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए सभी जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं।
बारिश के कारण बढ़ा भूस्खलन का खतरा
चीरबासा और आसपास के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में केदारनाथ पैदल मार्ग पर यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन और रेस्क्यू टीमें मौसम तथा मार्ग की स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं।
प्रशासन ने यात्रियों से सहयोग की अपील की
प्रशासन ने यात्रियों से धैर्य बनाए रखने और बचाव अभियान में सहयोग करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि खराब मौसम और लगातार गिरते मलबे के बीच रेस्क्यू अभियान सावधानीपूर्वक चलाया जा रहा है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावित क्षेत्र में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।
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