Keir Starmer Apology
Keir Starmer Apology: ब्रिटिश राजनीति में उस समय हड़कंप मच गया जब प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने गुरुवार को कुख्यात अमेरिकी फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन के पीड़ितों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। यह माफी पीटर मैंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त करने के विवादास्पद फैसले के बाद आई है। स्टार्मर ने स्वीकार किया कि मैंडेलसन ने एपस्टीन के साथ अपने संबंधों की गहराई को छिपाकर सरकार और देश को अंधेरे में रखा। पूर्वी ससेक्स में एक भावुक संबोधन के दौरान स्टार्मर ने कहा कि सत्ता के गलियारों में बैठे लोगों ने पीड़ितों को निराश किया है, जिसके लिए वे व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी महसूस करते हैं।
कीर स्टार्मर ने सीधे तौर पर पीटर मैंडेलसन पर ‘वेटिंग’ (जांच) प्रक्रिया के दौरान झूठ बोलने का आरोप लगाया। प्रधानमंत्री ने कहा, “मैंडेलसन ने मुझे विश्वास दिलाया था कि वह एपस्टीन को केवल औपचारिक रूप से जानते थे, जबकि वास्तविकता इसके उलट थी।” स्टार्मर ने पीड़ितों से कहा कि उन्हें इस बात का गहरा खेद है कि उन्होंने मैंडेलसन के दावों पर भरोसा किया। यह नियुक्ति दिसंबर 2024 में की गई थी, लेकिन जैसे ही सच्चाई सामने आई, सितंबर 2025 में उन्हें पद से हटा दिया गया। अब प्रधानमंत्री इस बात के लिए माफी मांग रहे हैं कि उनकी इस चूक के कारण पीड़ितों को पुराने जख्मों को फिर से सार्वजनिक रूप से देखना पड़ रहा है।
अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी लाखों पन्नों के दस्तावेजों ने इस मामले में आग में घी डालने का काम किया है। इन फाइलों से पता चला है कि वर्ष 2003-2004 के दौरान एपस्टीन ने मैंडेलसन से जुड़े खातों में लगभग 75,000 अमेरिकी डॉलर के तीन अलग-अलग भुगतान किए थे। मैंडेलसन ने इन भुगतानों पर अनभिज्ञता जताई है, लेकिन साक्ष्य गंभीर सवाल खड़े करते हैं। इसके अलावा, 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान मैंडेलसन द्वारा एपस्टीन के साथ संवेदनशील सरकारी जानकारी साझा करने की बात भी सामने आई है, जिसमें बैंक ऑफ इंग्लैंड और ब्रिटिश टैक्स नीतियों जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल थे।
पीटर मैंडेलसन, जो लेबर पार्टी के एक कद्दावर लेकिन विवादास्पद चेहरे रहे हैं, अब ब्रिटिश पुलिस की रडार पर हैं। पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि क्या उन्होंने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग कर व्यक्तिगत या बाहरी हितों को लाभ पहुँचाया। हालांकि उन पर किसी भी प्रकार के यौन अपराध का आरोप नहीं है, लेकिन उनके वित्तीय और कूटनीतिक आचरण की जांच की जा रही है। 1990 के दशक से राजनीति में सक्रिय मैंडेलसन पहले भी नैतिक घोटालों के कारण दो बार इस्तीफा दे चुके हैं, जिससे उनकी विश्वसनीयता पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।
भले ही कीर स्टार्मर ने स्पष्ट किया है कि उनकी एपस्टीन से कभी कोई मुलाकात नहीं हुई, लेकिन मैंडेलसन की नियुक्ति ने उनकी सरकार को रक्षात्मक मुद्रा में ला दिया है। लेबर पार्टी के भीतर भी असंतोष की लहर है; सांसद पाउला बार्कर जैसे नेताओं का मानना है कि प्रधानमंत्री को जनता का विश्वास दोबारा जीतने के लिए कड़ी मशक्कत करनी होगी। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर स्टार्मर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग तेज कर दी है। हालांकि, प्रधानमंत्री ने इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है और वे अपनी सरकार की छवि सुधारने की कोशिशों में जुटे हैं।
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