Kerala BJP Crisis: केरल की राजनीति से रविवार को बड़ी खबर सामने आई, जहां भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है। अभिनेता और बीजेपी नेता एस. देवन ने पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष पद के साथ-साथ प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। उन्होंने कनाचिकुलंगरा देवी मंदिर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपना भाषण समाप्त करते हुए यह ऐलान किया। अचानक की गई इस घोषणा के बाद राज्य की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और बीजेपी के भीतर भी इसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।


मंदिर कार्यक्रम में किया इस्तीफे का ऐलान
एस. देवन ने कनाचिकुलंगरा देवी मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के मंच से अपने राजनीतिक फैसले की जानकारी दी। उनके भाषण के दौरान श्री नारायण धर्म परिपालन योगम यानी एसएनडीपी योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नटेसन और बीजेपी नेता बी. राधाकृष्ण मेनन भी मौजूद थे। कार्यक्रम धार्मिक और सामाजिक संदर्भ वाला था, लेकिन देवन की घोषणा के बाद यह राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया।

पांच साल बाद बदली राजनीतिक सोच
बीजेपी छोड़ने के अपने फैसले की वजह बताते हुए एस. देवन ने कहा कि पार्टी से जुड़ने के बाद पिछले करीब पांच वर्षों के राजनीतिक अनुभव ने उन्हें यह महसूस कराया कि उनकी विचारधारा और पार्टी की राजनीति के बीच अपेक्षित सामंजस्य नहीं बन पाया। उन्होंने कहा कि जिस तरह की राजनीति में वह विश्वास करते हैं, उस रास्ते पर वह बीजेपी के साथ रहते हुए आगे नहीं बढ़ सके।
श्री नारायण गुरु के विचारों को बताया आधार
एस. देवन ने स्पष्ट किया कि उनकी राजनीतिक सोच श्री नारायण गुरु के आदर्शों, सिद्धांतों और कार्यक्रमों से प्रभावित है। उन्होंने कहा कि वह ऐसी राजनीति में विश्वास रखते हैं, जो श्री नारायण गुरु के बताए सामाजिक और वैचारिक मूल्यों पर आधारित हो। देवन के अनुसार, बीजेपी में काम करने के दौरान उन्हें धीरे-धीरे यह एहसास हुआ कि उनकी सोच और पार्टी की दिशा में अंतर है।
इस्तीफा पहले ही लिख चुके थे
बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की घोषणा करते हुए देवन ने बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा लिख दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका फैसला केवल पार्टी के एक पद से हटने तक सीमित नहीं है। वह भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी छोड़ रहे हैं। इस तरह उनका निर्णय संगठन के भीतर किसी पद से हटने के बजाय पार्टी से पूरी तरह अलग होने का है।

राजनीतिक रास्ते को लेकर स्पष्ट किया रुख
एस. देवन ने अपने बयान में कहा कि उन्हें अब इस बात का पूरा विश्वास हो गया है कि उनकी राजनीतिक सोच बीजेपी की मौजूदा राजनीति से अलग है। उन्होंने अपने फैसले को किसी तत्काल प्रतिक्रिया के बजाय पिछले कुछ वर्षों के अनुभव से निकला निष्कर्ष बताया। उनके मुताबिक, राजनीति में विचारधारा और विश्वास महत्वपूर्ण होते हैं और वह अपने मूल विचारों के अनुरूप ही आगे बढ़ना चाहते हैं।
बीजेपी के लिए क्यों अहम है यह घटनाक्रम
एस. देवन का इस्तीफा ऐसे समय सामने आया है, जब केरल में बीजेपी लगातार अपने राजनीतिक आधार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। पार्टी में एक प्रमुख चेहरे और प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर रहे नेता का प्राथमिक सदस्यता छोड़ना संगठन के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा सकता है। हालांकि, उनके इस्तीफे के बाद बीजेपी की ओर से इस घटनाक्रम पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।
इस्तीफे के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
एस. देवन के इस फैसले ने केरल के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू कर दी है। उन्होंने अपने इस्तीफे के लिए मुख्य रूप से विचारधारा और राजनीतिक सोच के बीच अंतर को वजह बताया है। फिलहाल यह देखना अहम होगा कि देवन आगे किस राजनीतिक दिशा में कदम बढ़ाते हैं और क्या वह किसी अन्य संगठन या राजनीतिक मंच से जुड़ते हैं। उनके इस्तीफे ने केरल बीजेपी के सामने एक नया राजनीतिक सवाल जरूर खड़ा कर दिया है।
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