Mahasamund News
Mahasamund News: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। प्रसिद्ध खल्लारी माता मंदिर में रविवार (22 मार्च) की सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें रोपवे का केबल टूटने से एक युवती की जान चली गई और 16 अन्य श्रद्धालु घायल हो गए। चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन माता के दर्शन करने पहुंचे इन श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा जीवन भर का जख्म दे गई। सुबह करीब 10:30 बजे, जब श्रद्धालु दर्शन कर रोपवे से नीचे उतर रहे थे, तभी अचानक केबल टूट गया और ट्रॉली सीधे नीचे आ गिरी।
हादसा इतना भीषण था कि ट्रॉली लगभग 20 फीट की ऊंचाई से अनियंत्रित होकर सीधे पहाड़ी की पथरीली चट्टानों से जा टकराई। इस जोरदार टक्कर के कारण ट्रॉली में सवार लोग बुरी तरह घायल हो गए। हादसे में घायल 16 लोगों में बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं, जिनमें से 4 की हालत अत्यंत नाजुक बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहली ट्रॉली के गिरने से ऊपर जा रही दूसरी ट्रॉली का संतुलन भी बिगड़ गया, जिससे उसमें बैठे लोग भी चोटिल हो गए।
हादसे के तुरंत बाद मंदिर परिसर में चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। स्थानीय ग्रामीणों और मौके पर मौजूद पुलिस बल ने तत्काल मोर्चा संभाला और राहत कार्य शुरू किया। घायलों को निजी वाहनों और एम्बुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि हताहत होने वाले अधिकांश लोग राजधानी रायपुर के निवासी हैं। महासमुंद कलेक्टर ने घटनास्थल का जायजा लिया और स्पष्ट किया कि केबल टूटने के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही चल पाएगा।
इस दुखद घटना ने रोपवे के प्रबंधन और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं का आरोप है कि रोपवे के नियमित रखरखाव (मेंटेनेंस) में भारी लापरवाही बरती गई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा ऑडिट और केबल की जांच की गई होती, तो इस भयावह हादसे को टाला जा सकता था। प्रशासन ने अब मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
महासमुंद से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित खल्लारी माता का मंदिर एक प्रमुख आस्था का केंद्र है। पहाड़ी की चोटी पर स्थित इस मंदिर तक पहुँचने के लिए भक्तों को 800 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं, जिसकी सुगमता के लिए रोपवे की सुविधा दी गई थी। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महाभारत काल में पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान इस पहाड़ी पर समय बिताया था। हर साल चैत्र और क्वांर नवरात्रि के दौरान यहाँ लाखों की भीड़ उमड़ती है, विशेषकर चैत्र पूर्णिमा पर यहाँ विशाल मेले का आयोजन होता है।
Read More :चोरी के शक में युवक की बेरहमी से पिटाई, भीड़ ने कानून को किया तार-तार
NEET Paper Leak Case : NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो…
Vande Mataram in Schools : पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के साथ ही…
Dewas Firecracker Factory Blast : मध्य प्रदेश के देवास जिले से एक बेहद दर्दनाक और…
Rathindra Bose Speaker : पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक अध्याय की शुरुआत हो…
Trump Xi Jinping Beijing Summit : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों चीन के महत्वपूर्ण…
Balochistan Army Operation : पाकिस्तान का बलूचिस्तान प्रांत एक बार फिर भीषण हिंसा और सैन्य…
This website uses cookies.