Kolkata Airport Clash : शुक्रवार की रात कोलकाता हवाई अड्डे पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी, जो दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात के बाद वापस लौट रहे थे, उनके स्वागत के लिए टीएमसी समर्थक बड़ी संख्या में एयरपोर्ट पर जमा थे। इसी दौरान, भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ उनकी झड़प हो गई। टीएमसी समर्थकों ने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े कुछ लोग वहां आए और उनके कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी की। उन्होंने दावा किया कि उनके हाथों में अंडे थे और बाद में हथियार भी निकाले गए। हंगामे के बीच एक महिला बेहोश हो गई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अभिषेक बनर्जी को सुरक्षा के बीच दूसरे गेट से सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा।

टीएमसी में अंदरूनी फूट: बैंक खाते हुए फ्रीज, करोड़ों का लेनदेन ठप
एयरपोर्ट पर हुए राजनीतिक बवाल के साथ ही टीएमसी के लिए एक और बड़ी मुसीबत तब सामने आई जब पार्टी से जुड़े तीन बैंक खातों को फ्रीज करने का आदेश जारी कर दिया गया। बिधाननगर पुलिस ने एचडीएफसी बैंक के इन खातों में किसी भी तरह की निकासी और लेन-देन पर रोक लगा दी है। सूत्रों के अनुसार, इन तीन खातों में लगभग 440 करोड़ रुपये जमा हैं, जिनमें से 260 करोड़ रुपये अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस और 180 करोड़ रुपये त्रिपुरा व गोवा इकाई के बताए जा रहे हैं। यह कार्रवाई जयनगर के विधायक विश्वनाथ दास की शिकायत पर की गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह घटनाक्रम पार्टी के भीतर चल रहे गहरे सत्ता संघर्ष का परिणाम है।

कोषाध्यक्ष की चिट्ठी और नेतृत्व को लेकर बढ़ता संशय
बैंक खातों को फ्रीज करने का यह विवाद एक दिन पहले 18 जून को तब शुरू हुआ जब टीएमसी के कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास ने निजी बैंक को एक पत्र लिखकर पार्टी के खातों पर रोक लगाने की मांग की थी। पत्र में तर्क दिया गया था कि वर्तमान में पार्टी के भीतर विभिन्न गुट स्वयं को वैध नेतृत्व और अधिकृत पदाधिकारी घोषित कर रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट नहीं है कि पार्टी पर वास्तविक नियंत्रण किसका है। इस अनिश्चितता के कारण पार्टी की वित्तीय गतिविधियों पर सवाल उठ रहे थे। गौरतलब है कि इन खातों में कुल मिलाकर 675 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा होने की बात कही जा रही है।
बढ़ते राजनीतिक टकराव की श्रृंखला
पश्चिम बंगाल में टीएमसी और भाजपा के बीच तकरार लगातार बढ़ती जा रही है। एयरपोर्ट की इस झड़प से पहले भी 31 मई को सोनारपुर दक्षिण में अभिषेक बनर्जी के साथ मारपीट की घटना सामने आई थी, जहां वे चुनाव के बाद हिंसा के पीड़ितों से मिलने गए थे। अब बैंक खातों के फ्रीज होने और आंतरिक कलह के सार्वजनिक होने से ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी के सामने दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है। एक ओर विपक्षी भाजपा का आक्रामक रुख है, तो दूसरी ओर पार्टी के भीतर का नेतृत्व संकट। पुलिस अब इस मामले की बारीकी से जांच कर रही है और यह स्पष्ट होने का इंतजार है कि पार्टी की आधिकारिक कमान किसके हाथों में है।
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