Kolkata Mob Justice Case : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में कथित मॉब जस्टिस का मामला सामने आया है। यहां 18 वर्षीय युवक को 13 साल की लड़की को किस करते देखे जाने के बाद उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। आरोप है कि युवक, उसके पिता और दोस्त को पीटने के बाद कपड़े उतरवाकर सार्वजनिक रूप से बिना कपड़ों के चलने के लिए मजबूर किया गया। मामले में पुलिस ने लड़की के माता-पिता और चाचा को गिरफ्तार किया है।

लड़की के चाचा ने युवक को देखा
‘द टेलीग्राफ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रविवार को 18 वर्षीय युवक अपने दोस्त के साथ लड़की से मिलने पहुंचा था। इसी दौरान लड़की के चाचा ने कथित तौर पर युवक को उसे चूमते हुए देख लिया। इसके बाद उन्होंने लड़की के पिता और परिवार के दूसरे चाचा को इसकी सूचना दी। घटना के बाद विवाद बढ़ गया और युवक तथा उसके दोस्त को परिवार के सदस्यों ने पकड़ लिया।

युवक और उसके दोस्त के साथ मारपीट का आरोप
शिकायत के अनुसार, लड़की के पिता और चाचा युवक तथा उसके दोस्त को जबरन अपने साथ ले गए। आरोप है कि दोनों के साथ मारपीट की गई और युवक को अपने पिता को बुलाने के लिए मजबूर किया गया। जब युवक के पिता मौके पर पहुंचे, तो उनके साथ भी कथित तौर पर मारपीट की गई। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम की जांच कर रही है।
गोली मारने की धमकी देकर कपड़े उतरवाने का आरोप
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि युवक और उसके पिता समेत तीनों लोगों को गोली मारने की धमकी दी गई। इसके बाद उन्हें कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया गया। शिकायत के मुताबिक, तीनों को करीब 50 मीटर तक बिना कपड़ों के चलने के लिए कहा गया। इस घटना ने कथित तौर पर अपमानित करने और कानून अपने हाथ में लेने के गंभीर आरोपों को जन्म दिया है।
पिता की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया केस
युवक के पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत प्रक्रिया अपनाते हुए संबंधित आपराधिक आरोपों की जांच की जा रही है। शिकायत में हत्या की कोशिश, खतरनाक हथियारों से चोट पहुंचाने, गलत तरीके से बंधक बनाने, मानहानि, आपराधिक धमकी और अपहरण जैसे आरोप शामिल बताए गए हैं। इन आरोपों की पुष्टि अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होगी।

लड़की के माता-पिता और चाचा गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में लड़की के पिता, मां और चाचा को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, घटना में कथित तौर पर शामिल अन्य लोगों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए भी छापेमारी की जा रही है। पीड़ितों का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया है, ताकि मारपीट से लगी चोटों का पता लगाया जा सके और जांच में जरूरी साक्ष्य जुटाए जा सकें।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस के अनुसार, पीड़ित पक्ष ने बंदूक दिखाकर जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप भी लगाया है। हालांकि, अब तक मामले में किसी बंदूक की बरामदगी की जानकारी सामने नहीं आई है। जांच अधिकारी घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं। पुलिस आरोपियों की भूमिका, घटना में शामिल अन्य लोगों और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
कानून हाथ में लेने के आरोपों की जांच
इस मामले में पुलिस की जांच का मुख्य उद्देश्य कथित मारपीट, धमकी और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने की घटना के तथ्यों को स्पष्ट करना है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी जांच के अधीन हैं। पुलिस साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
Read More : Judicial Accountability : ज्ञानेश कुमार के बाद अब जजों पर सौरव दास का हमला, आखिर किसे ठहराया जवाबदेह

