Kharge Controversy : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की विवादित टिप्पणी पर राजनीतिक घमासान जारी है। इस बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने खरगे का बचाव करते हुए कहा कि उनकी बात को लेकर इतना हंगामा करने की जरूरत नहीं है। थरूर के मुताबिक, खरगे ने आम बोलचाल में इस्तेमाल होने वाली भाषा का प्रयोग किया था और उनका किसी के पिता का अपमान करने का इरादा नहीं था।

पटना के कार्यक्रम में दिया था विवादित बयान
यह विवाद रविवार को बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। कार्यक्रम में एक दर्शक ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं। इसके जवाब में खरगे ने कथित तौर पर कहा, ‘मोदी का बाप भी जाएगा।’ उनकी इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस शुरू हो गई और भाजपा नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधा।

शशि थरूर ने कहा, बात को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सोमवार, 26 अक्टूबर को दिल्ली में 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम के दौरान मीडिया ने शशि थरूर से खरगे की टिप्पणी पर सवाल पूछा। थरूर ने कहा कि देश में कई बार ऐसी बातों को जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है। उनके अनुसार, खरगे की मंशा स्पष्ट थी और इस मामले को इतना तूल देने की आवश्यकता नहीं है।
आम बोलचाल की भाषा का इस्तेमाल करने की बात
थरूर ने अपने बयान में कहा कि खरगे ने जाहिर तौर पर आम बोलचाल में इस्तेमाल होने वाली भाषा का प्रयोग किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी समझ में कांग्रेस अध्यक्ष का उद्देश्य किसी के पिता का अपमान करना नहीं था। थरूर की इस प्रतिक्रिया को विवाद के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता की ओर से खरगे के बयान का बचाव माना जा रहा है।
राजनाथ सिंह ने टिप्पणी को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खरगे की टिप्पणी की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष के बयान से देश के करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। सिंह के मुताबिक, यह टिप्पणी कांग्रेस के राजनीतिक ही नहीं, बल्कि वैचारिक पतन को भी दर्शाती है। उनके बयान से भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई।

भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
भाजपा ने भी खरगे की भाषा पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस पर हमला बोला। पार्टी ने रविवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष ठगों और गुंडों जैसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। भाजपा के अनुसार, यह बयान कांग्रेस के वैचारिक दिवालिएपन को दिखाता है और पार्टी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। भाजपा नेताओं ने इस टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना की।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ा विवाद
खरगे के बयान के बाद कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक तरफ थरूर ने टिप्पणी को सामान्य बोलचाल की भाषा बताते हुए विवाद को अधिक तूल नहीं देने की बात कही, वहीं भाजपा ने इसे प्रधानमंत्री और जनता की भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताया। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक संवाद में इस्तेमाल होने वाली भाषा और नेताओं की सार्वजनिक जिम्मेदारी पर नई बहस छेड़ दी है।

