West Bengal News : कोलकाता नगर निगम (KMC) ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए शहर के पार्क सर्कस इलाके में स्थित ‘सुहरावर्दी एवेन्यू’ का नाम बदलकर ‘गोपाल मुखर्जी रोड’ करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। नगर आयुक्त द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस व्यस्त सड़क का नाम बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह सड़क लंबे समय से ऐतिहासिक और राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र रही है। ज्ञात हो कि पूर्व में इस सड़क का नाम 1932 में हसन सुहरावर्दी के नाम पर रखा गया था, जो कलकत्ता विश्वविद्यालय के पहले मुस्लिम वाइस-चांसलर और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री हुसैन शहीद सुहरावर्दी के चाचा थे। अब इसे एक नए नाम के साथ पहचान दी जा रही है।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का बयान: एक ऐतिहासिक भूल का सुधार
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस निर्णय को एक ‘ऐतिहासिक भूल’ को सुधारने की दिशा में उठाया गया साहसिक कदम बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि दशकों तक शहर की मुख्य सड़क का नाम एक ऐसे व्यक्ति के नाम पर था, जिस पर राजनीतिक लाभ के लिए हिंसा और जनसंहार की साजिश रचने का आरोप रहा है। मुख्यमंत्री ने गोपाल मुखर्जी के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में हजारों मासूमों की रक्षा की थी। इस नाम परिवर्तन के जरिए सरकार ने गोपाल मुखर्जी जैसे ‘सच्चे रक्षक’ को सम्मान देकर ऐतिहासिक न्याय बहाल करने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि अब समय आ गया है कि पश्चिम बंगाल अपने असली नायकों को पहचान दे।

राजनीतिक और सामाजिक परिप्रेक्ष्य में नामकरण का महत्व
यह निर्णय राज्य की बदलती राजनीतिक संस्कृति का प्रतीक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य राज्य के इतिहास से जुड़े गलत संदर्भों को सुधारना और आने वाली पीढ़ियों के सामने सही नायकों को प्रस्तुत करना है। सुहरावर्दी एवेन्यू का स्थान कोलकाता के व्यस्त पार्क सर्कस सेवन-पॉइंट क्रॉसिंग के पास है, जो इस बदलाव को और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है। समर्थकों का मानना है कि गोपाल मुखर्जी रोड का नया नामकरण उन लोगों के साहस को श्रद्धांजलि है जिन्होंने शहर की शांति के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था।
सोमवार को पेश होगा राज्य का पहला पूर्ण बजट
इस बड़े प्रशासनिक बदलाव के बीच, पश्चिम बंगाल की सरकार सोमवार को विधानसभा में अपना पहला पूर्ण बजट 2026-27 पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है। वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार का यह बजट सदन में रखेंगे। राज्य पर भारी कर्ज के बोझ के बावजूद, इस बजट से कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार का मुख्य फोकस राज्य में बड़े निवेश को आकर्षित करने, नए रोजगार के अवसर पैदा करने और औद्योगिक गतिविधियों को गति देने पर रहेगा। सोमवार का दिन आर्थिक मोर्चे पर सरकार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाला है।
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