Korba Elephant Attack
Korba Elephant Attack: छत्तीसगढ़ के कोरबा और आसपास के जिलों में एक दंतैल हाथी का खौफनाक आतंक देखने को मिल रहा है। पिछले महज 72 घंटों के भीतर इस उग्र हाथी ने बिलासपुर रेंज और कोरबा जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में तीन निर्दोष लोगों को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया है। हाथी की इस आक्रामकता ने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की नींद उड़ा दी है। बताया जा रहा है कि यह हाथी बेहद कम समय में लंबी दूरी तय कर रहा है, जिससे प्रभावित इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
वन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, इस दंतैल हाथी ने पिछले तीन दिनों में करीब 75 किलोमीटर का लंबा रास्ता तय किया है। इस दौरान उसने 40 से अधिक गांवों की सीमाओं को स्पर्श किया या वहां से गुजरा है। वर्तमान में हाथी ने कोरबा वन मंडल के करतला रेंज अंतर्गत सुईयारा जंगल के बड़मार बीट में अपना डेरा डाल रखा है। कोटमेर, तुर्रिकटरा, दादरपारा और टीमनभौना जैसे गांवों में हाथी की मौजूदगी के कारण लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हैं। हाथी लगातार जंगलों और खेतों के बीच से होते हुए रिहायशी इलाकों के करीब पहुंच रहा है।
हाथी के कहर की शुरुआत बिलासपुर रेंज से हुई, जहां उसने सबसे पहले एक महिला को अपना निशाना बनाया। इसके बाद हाथी ने अपनी दिशा बदली और कोरबा के कटघोरा वन मंडल में प्रवेश किया। यहाँ 24 घंटे के भीतर हाथी ने दो और महिलाओं की जान ले ली। खूनी संघर्ष का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा; कोरबा शहर से सटे बालको रेंज में भी हाथी ने एक ग्रामीण को मौत की नींद सुला दिया। हाथियों के हमले में बढ़ती मौतों ने ग्रामीणों के भीतर भारी आक्रोश और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है।
हाथी की सटीक लोकेशन ट्रैक करने के लिए वन विभाग अब आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा है। ड्रोन कैमरों के जरिए जंगल के भीतर हाथी की गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। वन विभाग की दो विशेष टीमें तैनात की गई हैं, जो लगातार हाथी का पीछा कर रही हैं। प्रभावित गांवों में लाउडस्पीकर के माध्यम से मुनादी कराई जा रही है। ग्रामीणों को सख्त चेतावनी दी गई है कि वे शाम ढलने के बाद घरों से बाहर न निकलें और न ही जंगल की ओर रुख करें।
हाथी के स्वभाव को देखते हुए वन अधिकारियों ने ग्रामीणों के लिए विशेष सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे रात के समय अपने घर की बाड़ी या आंगन में न सोएं, विशेषकर वहां जहां धान का भंडार रखा हो। अक्सर हाथी धान की महक से घरों की ओर आकर्षित होते हैं। विभाग ने यह भी समझाया है कि यदि रात में घर के बाहर कुछ टूटने की आवाज सुनाई दे, तो टॉर्च लेकर बाहर निकलने की गलती बिल्कुल न करें। फिलहाल, विभाग हाथी द्वारा किए गए फसल और संपत्ति के नुकसान का सर्वे भी कर रहा है ताकि प्रभावितों को मुआवजा दिया जा सके।
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