Korea Road Protest: कोरिया जिले में सड़क निर्माण की धीमी रफ्तार और कथित लापरवाही अब ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। कदमनारा से लवनापारा तक बनाई जा रही अधूरी सड़क बारिश के कारण पूरी तरह कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गई है। परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन और ठेकेदार का ध्यान आकर्षित करने के लिए अनोखा तरीका अपनाते हुए सड़क पर ही धान की रोपाई कर विरोध प्रदर्शन किया।ग्रामीणों का कहना है कि जिस सड़क से उन्हें बेहतर आवागमन की उम्मीद थी, वही अब उनके लिए मुसीबत का कारण बन गई है। सड़क पर जगह-जगह पानी जमा है और कीचड़ इतना ज्यादा हो गया है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने धान लगाकर यह संदेश देने की कोशिश की कि सड़क की हालत खेत जैसी हो चुकी है।

दो महीने पहले शुरू हुआ निर्माण कार्य बीच में ही रुका
ग्रामीणों के अनुसार कदमनारा से लवनापारा तक करीब 5 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य लगभग दो महीने पहले शुरू किया गया था। शुरुआत में ठेकेदार द्वारा कुछ दिनों तक काम कराया गया, लेकिन करीब 15 दिन बाद निर्माण कार्य अचानक बंद कर दिया गया।ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार अधूरा काम छोड़कर चला गया, जिसके बाद बारिश शुरू होने से सड़क की स्थिति और खराब होती चली गई। वर्तमान में सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं और बारिश का पानी भरने से पूरा मार्ग दलदल जैसा नजर आ रहा है।

500 से ज्यादा लोगों का रोजाना होता है आवागमन
यह सड़क आसपास के गांवों के लोगों के लिए मुख्य मार्ग से जुड़ने का महत्वपूर्ण रास्ता है। ग्रामीणों के मुताबिक प्रतिदिन करीब 500 से अधिक लोग इस मार्ग का उपयोग करते हैं। लेकिन खराब स्थिति के कारण अब लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसलकर गिर रहे हैं। वहीं पैदल चलने वाले लोगों को भी कीचड़ और फिसलन के बीच जोखिम उठाना पड़ रहा है। कई ग्रामीणों के घायल होने की बात भी सामने आई है।
स्कूली बच्चों की बढ़ी मुश्किलें, अभिभावक चिंतित
अधूरी सड़क का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। बच्चों को रोजाना इसी खराब रास्ते से होकर स्कूल जाना पड़ता है। बारिश के दिनों में कीचड़ और फिसलन के कारण कई बार बच्चे गिर जाते हैं।ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के कपड़े और किताबें खराब हो जाती हैं। अभिभावकों को हर दिन यह चिंता रहती है कि कहीं रास्ते में कोई दुर्घटना न हो जाए। उन्होंने प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण पूरा कराने की मांग की है।
गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को हो रही परेशानी
ग्रामीणों ने बताया कि खराब सड़क का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ रहा है। आपात स्थिति में एंबुलेंस गांव तक पहुंचने में परेशानी होती है। यदि कोई व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार हो जाए या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना पड़े तो परिजनों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।कई बार मरीजों को खाट या अन्य साधनों के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति किसी भी समय बड़ी समस्या खड़ी कर सकती है।
कलेक्टर को शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर उन्होंने 12 जुलाई को कोरिया कलेक्टर को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में अधूरे सड़क निर्माण को जल्द पूरा कराने और मार्ग की स्थिति सुधारने की मांग की गई थी।ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के करीब 15 दिन बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने सड़क पर धान रोपकर अपना विरोध दर्ज कराया।
कलेक्टर ने जांच और कार्रवाई का दिया आश्वासन
मामले को लेकर कोरिया कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच कराई जाएगी और संबंधित विभाग व ठेकेदार से जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि यदि निर्माण कार्य में लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे। कलेक्टर ने यह भी बताया कि कुछ कारणों से निर्माण कार्य रुका था, लेकिन अब काम दोबारा प्रगति पर है और जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीणों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
सड़क की बदहाली से परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन और ठेकेदार को चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी जीवनरेखा है।धान रोपकर किए गए इस विरोध प्रदर्शन के जरिए ग्रामीणों ने अपनी समस्या को प्रशासन तक पहुंचाने की कोशिश की है। अब सभी की नजर सड़क निर्माण कार्य में होने वाली अगली कार्रवाई पर है।
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