Korea news
Korea news : छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां खेल और संस्कृति के नाम पर आयोजित कार्यक्रम में मर्यादाओं की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। जिले के सोनहत ब्लॉक के ग्राम पंचायत पोड़ी में आयोजित एक फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन के बाद, स्कूल परिसर को ‘डांस फ्लोर’ में तब्दील कर दिया गया। शुक्रवार रात को आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में फिल्मी गानों पर डांसरों ने जमकर ठुमके लगाए। इस दौरान पंचायत के जिम्मेदार पद पर बैठे रोजगार सहायक जिंदर साय सोनवानी ने सारी हदें पार करते हुए डांसरों पर सरेआम नोटों की बारिश कर दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह वायरल हो गया, जिसके बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
हैरानी की बात यह है कि शिक्षा के मंदिर यानी स्कूल परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के लिए भारी-भरकम राशि खर्च की गई थी। मिली जानकारी के अनुसार, रोजगार सहायक जिंदर साय और महिला सरपंच पार्वती देवी के पति बहादुर ने मिलकर कोरबा की एक नाचा पार्टी को करीब 10 लाख रुपए में बुक किया था। कार्यक्रम में तीन से चार महिला डांसरों ने अपनी प्रस्तुति दी। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि रोजगार सहायक न केवल नोट उड़ा रहे हैं, बल्कि खुद भी डांसरों के साथ ताल से ताल मिलाते हुए ठुमके लगा रहे हैं। पंचायत प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुए इस तमाशे ने शासन की छवि पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
वीडियो के वायरल होते ही प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। सोनहत जनपद पंचायत की सीईओ विमला ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रोजगार सहायक जिंदर साय सोनवानी को पद से बर्खास्त कर दिया है। बताया जा रहा है कि रोजगार सहायक का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले भी उन पर इंदिरा आवास योजना के हितग्राहियों से रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगे थे, जिसमें वे दोषी पाए गए थे। हालांकि, पिछली बार उन्होंने न्यायालय से ‘स्टे’ ले लिया था, लेकिन इस बार सरेआम की गई इस हरकत ने उन्हें कानूनी और प्रशासनिक शिकंजे में बुरी तरह फंसा दिया है।
इस घटना पर राजनीति भी गर्मा गई है। भरतपुर-सोनहत के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए इसे प्रशासनिक शिथिलता का प्रमाण बताया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली संस्कृति ‘नाचा’ और ‘गम्मत’ के लिए जानी जाती है, न कि इस तरह के अश्लील प्रदर्शन के लिए। कमरो ने आरोप लगाया कि गरियाबंद और सूरजपुर की पिछली घटनाओं के बावजूद प्रशासन ने कोई सबक नहीं सीखा, जिसके कारण पोड़ी स्कूल परिसर में ऐसा ‘नंगा नाच’ देखने को मिला। उन्होंने जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं।
गौर करने वाली बात यह है कि कार्यक्रम के आधिकारिक समापन के समय जिला पंचायत सदस्य शिवकुमारी, भाजपा जिला मंत्री ईश्वर राजवाड़े और जनपद अध्यक्ष आशा सोनपाकर जैसे कई दिग्गज मौजूद थे। लेकिन जैसे ही ये मुख्य अतिथि कार्यक्रम से रवाना हुए, स्थानीय आयोजकों ने इसे फूहड़ता के मंच में बदल दिया। देर रात तक चले इस कार्यक्रम में मर्यादा की सारी सीमाएं लांघी गईं। ग्रामीणों द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो ने अब दोषियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रशासन अब इस मामले में अन्य शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच कर रहा है।
Read More: Mango crop protection: क्या इस साल महंगे होंगे आम? बेमौसम बारिश ने बढ़ाई बागवानों की धड़कनें
Pakistan Panda Bond : गंभीर आर्थिक मंदी, विदेशी मुद्रा भंडार की कमी और बढ़ते अंतरराष्ट्रीय…
Organic Farming Craze : भारतीय ग्रामीण अंचलों में कृषि की पारंपरिक पद्धतियों में एक क्रांतिकारी…
BRICS Meeting : भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) देशों के विदेश…
NEET Re-exam Date : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश…
Stock Market Rally : भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन यानी शुक्रवार…
Viral Video : आज के आधुनिक दौर में सोशल मीडिया हमारे जीवन का एक अभिन्न…
This website uses cookies.