Koriya Murder Case : छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के चर्चित ‘नौगई तिहरे हत्याकांड’ मामले में पुलिस प्रशासन ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस जघन्य वारदात में फरार चल रहे नौवें और अंतिम नामजद आरोपी गौरव त्रिपाठी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी एमसीबी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर) जिले के खड़गवां थाना क्षेत्र से हुई है। इस गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने मामले में नामजद सभी 9 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचाने का अपना लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस कार्रवाई ने क्षेत्र के ग्रामीणों का कानून व्यवस्था के प्रति भरोसा और अधिक मजबूत कर दिया है।

रेत खनन का खूनी विवाद और नौगई गांव की दहला देने वाली घटना
यह हृदयविदारक घटना सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई गांव में रेत खनन से जुड़े एक पुराने विवाद के कारण हुई थी। विवाद ने कुछ ही देर में हिंसक रूप ले लिया और दो पक्षों के बीच हुई झड़प एक बर्बर हत्याकांड में तब्दील हो गई। इस वारदात में भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह समेत तीन लोगों को जिंदा जलाकर मार डाला गया था। इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में सनसनी फैला दी थी और राजनीतिक गलियारों में भी उबाल ला दिया था। पुलिस ने इस मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में कुल 9 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी धर-पकड़ शुरू कर दी थी।

आरोपियों की गिरफ्तारी और आत्मसमर्पण का घटनाक्रम
हत्याकांड के बाद आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कोरिया पुलिस ने उन पर चौतरफा दबाव बनाए रखा। पुलिस की सख्ती और निरंतर जारी छापेमारी के कारण अपराधियों का मनोबल पूरी तरह टूट गया। शुरुआत में पुलिस ने चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। इसके बाद पुलिस की बढ़ती दबिश के कारण अन्य चार आरोपियों ने स्वयं को कानून के हवाले करते हुए मनेन्द्रगढ़ कोतवाली में आत्मसमर्पण कर दिया था। अब खड़गवां से गौरव त्रिपाठी की गिरफ्तारी के साथ ही हत्याकांड के सभी 9 आरोपी पुलिस की पकड़ में आ चुके हैं, जिससे मामले में कानूनी कार्रवाई अब निर्णायक चरण में है।
मंत्री गजेंद्र यादव का सख्त रुख: बुलडोजर कार्रवाई की मिली चेतावनी
इस मामले को लेकर राज्य सरकार का रवैया पहले दिन से ही बेहद आक्रामक रहा है। छत्तीसगढ़ के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गजेंद्र यादव ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए अपराधियों को चेतावनी दी है कि राज्य में कानून हाथ में लेने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। मंत्री ने स्पष्ट कहा है कि दोषियों के खिलाफ ऐसी नजीर पेश की जाएगी, जो भविष्य में अपराधियों के लिए सबक बनेगी। मंत्री यादव ने यह भी घोषणा की है कि यदि जांच के दौरान आरोपियों के किसी भी अवैध निर्माण या अतिक्रमण का पता चलता है, तो उनके मकानों को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया जाएगा।
पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा और सख्त प्रशासनिक निर्देश
राज्य सरकार ने इस जघन्य हत्याकांड को अत्यंत गंभीरता से लिया है। मंत्री गजेंद्र यादव ने पीड़ित परिवारों को आश्वस्त किया है कि सरकार उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। इस पूरे मामले की रायपुर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द अपनी जांच पूरी कर न्यायालय में सख्त चालान पेश करें। सरकार की स्पष्ट मंशा है कि इस मामले में किसी भी दोषी को किसी भी स्थिति में बख्शा न जाए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों के बीच एक कड़ा संदेश भेजा है।










