Kuno National Park
Kuno National Park: मध्य प्रदेश, जो पहले ‘टाइगर स्टेट’ के रूप में अपनी पहचान बना चुका था, अब ‘चीता स्टेट’ के रूप में विश्व पटल पर अपनी सफलता की नई गाथा लिख रहा है। श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क से एक बेहद सुखद खबर सामने आई है। दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता ‘गामिनी’ ने बुधवार सुबह तीन नन्हे शावकों को जन्म दिया है। यह खबर ऐसे समय में आई है जब दक्षिण अफ्रीका से आए चीतों के भारत में तीन साल पूरे होने का जश्न मनाया जा रहा है। इस नई खुशखबरी ने वन्यजीव प्रेमियों और संरक्षण टीम के उत्साह को दोगुना कर दिया है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने लिखा कि प्रोजेक्ट चीता के तहत यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह कूनो में चीतों का 9वां सफल प्रसव है। उन्होंने मध्य प्रदेश को चीतों के पुनर्स्थापन का सशक्त केंद्र बताते हुए कहा कि यह न केवल जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यावरण संतुलन की दिशा में भारत के बढ़ते कदमों का प्रतीक भी है।
मादा चीता गामिनी ने भारत की धरती पर अपनी अनुकूलता को बखूबी साबित किया है। यह गामिनी का दूसरा प्रसव है; इससे पहले भी वह तीन शावकों को जन्म दे चुकी है। गामिनी और उसके तीनों नवजात शावक फिलहाल पूर्णतः स्वस्थ हैं और कूनो नेशनल पार्क की विशेष टीम उन पर लगातार निगरानी रख रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण अफ्रीकी चीतों का यहाँ प्रजनन करना यह दर्शाता है कि उन्हें कूनो का वातावरण और पारिस्थितिकी तंत्र पूरी तरह रास आ गया है।
प्रोजेक्ट चीता के आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत में अब चीतों की कुल संख्या बढ़कर 38 हो गई है। इनमें से 35 चीते कूनो नेशनल पार्क में हैं, जबकि 3 चीते गांधी सागर अभयारण्य में रखे गए हैं। साल 2022 में नामीबिया से आए पहले बैच और फिर 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से आए 12 चीतों के दूसरे बैच के बाद से यह कारवां लगातार बढ़ रहा है। भारत में अब तक कुल 27 शावकों का जन्म हो चुका है, जो इस प्रोजेक्ट की वैश्विक सफलता पर मुहर लगाता है।
भारत की धरती पर सत्तर के दशक में विलुप्त घोषित हो चुके चीतों को दोबारा बसाने की शुरुआत सितंबर 2022 में हुई थी। तब से लेकर अब तक कूनो नेशनल पार्क ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन गामिनी जैसी मादा चीतों की सफल ब्रीडिंग ने संरक्षण की उम्मीदों को नई उड़ान दी है। अब भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश बन गया है जहाँ चीतों की आबादी को कृत्रिम रूप से लाकर सफलतापूर्वक पुनर्जीवित किया जा रहा है।कूनो की यह सफलता आने वाले समय में इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा देगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी।
Read More : Ramadan 2026 : चांद के दीदार के साथ पाक महीने का आगाज, जानें रोजा और सहरी का महत्व
Strait of Hormuz News : मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी तनाव के बीच एक…
Stock Market Today : भारतीय इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स, सेंसेक्स और निफ्टी 50, ने आज यानी…
West Bengal Election 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने पूरे देश…
Punjab Security Alert : सरहदी राज्य पंजाब में बुधवार का दिन सुरक्षा की दृष्टि से…
Chhattisgarh Weather : छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर करवट ले…
West Bengal Election 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राजनीतिक विश्लेषकों…
This website uses cookies.