Sleep & BP: स्वस्थ जीवनशैली केवल पौष्टिक भोजन और नियमित व्यायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि अच्छी और पर्याप्त नींद भी उतनी ही महत्वपूर्ण मानी जाती है। यदि कोई व्यक्ति संतुलित आहार लेता है, लेकिन रोजाना पर्याप्त नींद नहीं लेता, तो इसका नकारात्मक असर उसके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। विशेष रूप से युवाओं में बदलती जीवनशैली, देर रात तक जागना और तनाव के कारण नींद की कमी तेजी से बढ़ रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार खराब नींद हाई ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर समस्या का जोखिम बढ़ा सकती है। इसलिए अच्छी नींद को स्वस्थ जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

सिर्फ सोने की अवधि नहीं, नींद की गुणवत्ता भी है अहम
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल सात या आठ घंटे सो लेना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि यह भी जरूरी है कि नींद गहरी और आरामदायक हो। आपकी सोने की दिनचर्या, सोने से पहले खानपान, कैफीन या अन्य पेय पदार्थों का सेवन, सोने और जागने का समय, रात में बार-बार नींद खुलना या खर्राटे लेना जैसी आदतें भी नींद की गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं। यदि लंबे समय तक नींद की गुणवत्ता खराब बनी रहती है, तो इसका असर शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों और कार्यों पर पड़ सकता है। ऐसे में रक्तचाप बढ़ने की संभावना भी अधिक हो सकती है।

नींद और ब्लड प्रेशर का क्या है संबंध?
शारदा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. भुमेश त्यागी के अनुसार, नींद का सीधा संबंध शरीर के हार्मोनल संतुलन और हृदय स्वास्थ्य से होता है। जब व्यक्ति पर्याप्त नींद नहीं लेता, तो शरीर में तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन अधिक सक्रिय हो जाते हैं। इसके कारण हृदय की धड़कन तेज हो सकती है और रक्त वाहिकाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ने लगता है। यही स्थिति समय के साथ ब्लड प्रेशर बढ़ने का कारण बन सकती है। इसलिए पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद लेना रक्तचाप को नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
क्या कम नींद से बढ़ सकता है हाई ब्लड प्रेशर का खतरा?
डॉ. भुमेश त्यागी बताते हैं कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार पर्याप्त नींद नहीं मिलती या उसकी नींद बार-बार बाधित होती है, तो हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ सकता है। खासतौर पर जो लोग पहले से उच्च रक्तचाप के मरीज हैं, उनके लिए खराब नींद स्थिति को और गंभीर बना सकती है। लंबे समय तक नींद की कमी शरीर में हार्मोनल असंतुलन, हृदय गति में बदलाव और रक्त वाहिकाओं के सामान्य कार्य को प्रभावित कर सकती है। यही कारण है कि डॉक्टर उच्च रक्तचाप के मरीजों को नियमित और पर्याप्त नींद लेने की सलाह देते हैं।
नींद पूरी न होने पर शरीर देता है ये संकेत
यदि आपकी नींद पूरी नहीं हो रही है, तो शरीर कई तरह के संकेत देने लगता है। सुबह उठने के बाद लगातार आलस महसूस होना, दिनभर सुस्ती रहना, आंखों में भारीपन या लालिमा दिखाई देना, सिरदर्द होना और रातभर सोने के बावजूद ताजगी महसूस न होना नींद की कमी के सामान्य संकेत हो सकते हैं। कुछ लोगों को सुबह उठते ही बेचैनी, चिड़चिड़ापन या ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई भी महसूस होती है। यदि ये समस्याएं लगातार बनी रहें, तो अपनी नींद की आदतों पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है।
बेहतर नींद के लिए अपनाएं स्वस्थ आदतें
अच्छी नींद के लिए रोजाना एक निश्चित समय पर सोने और जागने की आदत विकसित करें। सोने से पहले मोबाइल, लैपटॉप या टीवी का अत्यधिक उपयोग कम करें और कैफीनयुक्त पेय पदार्थों का सेवन रात में न करें। हल्का भोजन करें और शांत वातावरण में सोने की कोशिश करें। नियमित व्यायाम भी नींद की गुणवत्ता सुधारने में मदद कर सकता है, हालांकि सोने से ठीक पहले भारी व्यायाम करने से बचना चाहिए।
लगातार समस्या होने पर डॉक्टर से लें सलाह
यदि पर्याप्त प्रयास करने के बावजूद नींद की समस्या बनी रहती है, खर्राटे अत्यधिक आते हैं, रात में बार-बार नींद खुलती है या ब्लड प्रेशर लगातार बढ़ा हुआ रहता है, तो बिना देरी किए डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। समय पर जांच और सही उपचार से न केवल नींद में सुधार किया जा सकता है, बल्कि हाई ब्लड प्रेशर और उससे जुड़ी जटिलताओं के खतरे को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है। स्वस्थ जीवन के लिए संतुलित आहार के साथ अच्छी नींद को भी अपनी दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाना बेहद जरूरी है।











